महाविद्यालय खरीदी घोटाला
नारायणपुर महिला कॉलेज में बड़ा प्रशासनिक एक्शन
नारायणपुर जिले के नवीन वीरांगना रमोतिन माडिया शासकीय आदर्श महिला महाविद्यालय में सामने आए महाविद्यालय खरीदी घोटाला ने उच्च शिक्षा विभाग को सख्त कार्रवाई के लिए मजबूर कर दिया है। बिना निविदा (टेंडर) प्रक्रिया अपनाए करोड़ों रुपये की खरीदी के मामले में कॉलेज के प्राचार्य समेत 5 अधिकारियों/कर्मचारियों को निलंबित कर दिया गया है। इसके साथ ही सभी के विरुद्ध अलग से विभागीय जांच शुरू करने की तैयारी है।
यह कार्रवाई उस जांच रिपोर्ट के आधार पर हुई है, जिसमें गंभीर वित्तीय अनियमितताओं की पुष्टि हुई।
क्या है पूरा मामला?
प्राप्त जानकारी के अनुसार:
- 14 अक्टूबर 2025 को
- कॉलेज में ₹35 लाख की खरीदी से जुड़े
- 22 क्रय आदेश
- बिना टेंडर प्रक्रिया अपनाए जारी किए गए
यह प्रक्रिया सरकारी वित्तीय नियमों और पारदर्शिता के मानकों के विपरीत पाई गई, जिसे गंभीर कदाचार माना गया।
जांच समिति की रिपोर्ट से खुलासा
मामले की गंभीरता को देखते हुए उच्च शिक्षा विभाग ने:
- 28 नवंबर 2025 को
- अपर संचालक की अध्यक्षता में उच्च स्तरीय जांच समिति गठित की
समिति की विस्तृत जांच में:
- वित्तीय नियमों के उल्लंघन की पुष्टि
- क्रय प्रक्रिया में पारदर्शिता की कमी
- जिम्मेदार अधिकारियों की प्रत्यक्ष भूमिका
सामने आने के बाद विभागीय आयुक्त ने तत्काल प्रभाव से निलंबन के आदेश जारी कर दिए।
निलंबित किए गए अधिकारी
निलंबन की कार्रवाई जिन पर की गई, उनमें शामिल हैं:
- डॉ. योगेन्द्र कुमार पटेल – प्राचार्य
- भूषण जय गोयल – सहायक प्राध्यापक
- किशोर कुमार कोठारी
- हरीश चंद बैद
- नोहर राम
इन सभी की भूमिका क्रय समिति और निर्णय प्रक्रिया से जुड़ी पाई गई है।
विभागीय जांच भी होगी शुरू
उच्च शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि:
- निलंबन के साथ-साथ विभागीय जांच अलग से चलेगी
- दोष सिद्ध होने पर कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई संभव है
- आर्थिक दायित्व तय कर रिकवरी की भी कार्रवाई हो सकती है
पहले भी सामने आ चुके हैं ऐसे मामले
यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी प्रदेश में उच्च शिक्षा संस्थानों में महाविद्यालय खरीदी घोटाला सामने आ चुका है:
- महासमुंद के शासकीय आदर्श महाविद्यालय लोहारकोट में
- पीएम-उषा और रूसा मद से
- करीब ₹1.06 करोड़ की खरीदी में गड़बड़ी
- प्राचार्य डॉ. एसएस तिवारी समेत कई सहायक प्राध्यापक निलंबित
- अटल बिहारी वाजपेयी विश्वविद्यालय, बिलासपुर में
- 15 अप्रैल 2025 को
- एक ही दिन में ₹1 करोड़ के 26 क्रय आदेश
- मामले में कार्रवाई की प्रक्रिया जारी
शिक्षा व्यवस्था पर उठते सवाल
लगातार सामने आ रहे इन मामलों से:
- सरकारी कॉलेजों की खरीदी प्रक्रिया पर सवाल
- निगरानी तंत्र की कमजोरी उजागर
- छात्रों और शिक्षा व्यवस्था की साख को नुकसान
हो रहा है।