गरियाबंद कलेक्टर उइके का सख्त एक्शन: 93 शौचालय निर्माण टेंडर निरस्त, 45.85 लाख की वसूली का अल्टीमेटम!

गरियाबंद कलेक्टर उइके


गरियाबंद जिले में शौचालय निर्माण कार्यों में हो रही लापरवाही पर कलेक्टर भगवान सिंह उइके का रौद्र रूप सामने आया है। उइके ने 116 स्कूलों में शौचालय निर्माण में हो रही घोटालेबाजी और लापरवाही के चलते 93 कार्यादेशों को निरस्त कर दिया। साथ ही, ठेका फर्म को 45.85 लाख रुपये की वसूली का अल्टीमेटम भी दिया है। यह कार्रवाई प्रशासन की तरफ से प्रशासनिक लापरवाही और सरकारी धन के दुरुपयोग के खिलाफ कड़ा कदम माना जा रहा है।

क्या था मामला?
गरियाबंद के 116 स्कूलों में शौचालय निर्माण की जिम्मेदारी एक निर्माण एजेंसी को दी गई थी। 1 करोड़ 23 लाख रुपये का बजट आवंटित किया गया था, लेकिन सात महीने बाद भी काम का कोई असर नहीं हुआ। कई स्कूलों में शौचालय निर्माण शुरू ही नहीं हो पाया था, जबकि 62 लाख रुपये पहले ही जारी किए जा चुके थे।

मुख्य बिंदु:

  • 116 स्कूलों के शौचालय निर्माण कार्य में लापरवाही पाई गई।
  • 93 कार्यादेशों को निरस्त किया गया।
  • 45.85 लाख रुपये की वसूली का आदेश, फर्म को 15 दिनों का अल्टीमेटम।
  • कलेक्टर उइके ने लापरवाह ठेका फर्म के खिलाफ सख्त कदम उठाया।
  • प्रशासन ने कहा, “यदि राशि वापस नहीं की जाती, तो राजस्व वसूली के तहत कठोर कार्रवाई की जाएगी।”

कलेक्टर का रौद्र रूप:
कलेक्टर उइके ने इस लापरवाही के खिलाफ तुरंत कार्रवाई करते हुए ठेका फर्म को 15 दिनों के भीतर 45.85 लाख रुपये जमा करने का निर्देश दिया। उनका कहना है कि सरकार द्वारा जारी राशि का दुरुपयोग कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। कलेक्टर ने साफ तौर पर कहा कि अगर राशि न लौटाई गई, तो फर्म के खिलाफ कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। यह कदम शासन की पारदर्शिता और जवाबदेही को सुनिश्चित करने के लिए जरूरी है।

वसूली और कानूनी कार्रवाई की दिशा:
गरियाबंद कलेक्टर उइके ने इस मामले को सख्ती से लिया और प्रशासन की गड़बड़ियों को उजागर करने वाले पत्रकारों का धन्यवाद किया। उन्होंने बताया कि यदि फर्म ने रकम वापस नहीं की, तो प्रशासन इस मामले को राजस्व वसूली (आरआरसी) के तहत आगे बढ़ाएगा। इससे यह साफ संदेश जाता है कि सरकारी योजनाओं के साथ किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

आगे की कार्रवाई और निष्कर्ष:
गरियाबंद प्रशासन अब इस मामले की विस्तृत जांच कर रहा है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की तैयारी कर रहा है। यह कार्रवाई सरकारी योजनाओं को सही दिशा में ले जाने का एक महत्वपूर्ण कदम है और इस बात की पुष्टि करती है कि कलेक्टर उइके किसी भी प्रकार की लापरवाही को बिल्कुल भी सहन नहीं करेंगे।

हमारी नजर बनी रहेगी:
गरियाबंद जिले में जारी इस मामले पर हमारी टीम की नजर बनी रहेगी और प्रशासन द्वारा की गई कार्रवाई का लगातार अपडेट दिया जाएगा। इस सख्त कदम से यह साफ है कि प्रशासन अब किसी भी प्रकार के भ्रष्टाचार और लापरवाही को लेकर गंभीर है और ऐसे मामलों में कठोर कार्रवाई की जाएगी।

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