केंद्र सरकार जल्द ही 14 से 18 साल की लड़कियों को गैर-पारंपरिक नौकरियों के लिए प्रशिक्षित करने की एक योजना शुरू करेगी, जिसका मकसद वर्कफोर्स में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाना है. महिला एवं बाल विकास मंत्रालय में सचिव अनिल मलिक ने कहा कि योजना को शुरुआती चरण में 27 जिलों में अगले दो से तीन सप्ताह में शुरू किया जाएगा. उन्होंने कहा, ‘‘यह योजना शुरुआती चरण में 27 जिलों में पेश की जा रही है और अंततः इसे देशभर के 218 जिलों में विस्तारित किया जाएगा.’’
गैर-पारंपरिक पेशे को आमतौर पर एक निश्चित भूमिका के रूप में परिभाषित किया जाता है, जिसमें पुरुष या महिला की भागीदारी 25 प्रतिशत से कम होती है. ‘किशोरियों व महिलाओं के सशक्तीकरण के लिए विशेष परियोजना की शुरूआत’ के तहत 14 से 18 वर्ष की लड़कियों को उनकी शिक्षा जारी रखने के दौरान उनके स्कूलों तथा घरों के नजदीक प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा.
सचिव ने बताया कि योजना शुरुआती स्तर पर दो से तीन सप्ताह में शुरू की जाएगी, जिसके तहत डिजिटल कौशल, डिजिटल मार्केटिंग और पर्सनालिटी डेवलपमेंट के साथ-साथ गैर-पारंपरिक नौकरियों के लिए ट्रेनिंग दी जाएगी. उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम से आखिरकार वर्कफोर्स में महिलाओं की भागीदारी बढ़ेगी.
मलिक ने कहा, ‘‘ हमने कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय के साथ एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं. इसके तहत वर्तमान में देशभर के 27 जिलों तथा बाद में 218 जिलों की 14-18 वर्ष आयु वर्ग की किशोरियों को प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना के प्रशिक्षण साझेदारों, जन शिक्षण संस्थानों तथा सरकारी संस्थानों के जरिये गैर-परंपरागत भूमिकाओं के लिए प्रशिक्षण दिया जाएगा.’’
दोनों मंत्रालयों के अधिकारियों को इस योजना के संबंध में जागरूक करने के लिए आयोजित कार्यशाला से इतर पत्रकारों के साथ बातचीत में उन्होंने यह बात कही. सचिव ने कहा कि इस कार्यक्रम से अंततः श्रमबल में महिलाओं की भागीदारी बढ़ेगी. उन्होंने कहा कि इसे ‘‘ सरकार के उच्चतम स्तर पर बहुत जल्द’’ शुरू किया जाएगा.