रिश्वत लेकर पोस्टमार्टम रिपोर्ट दे रहा था सरकारी डॉक्टर, रंगे हाथों इतने पैसे के साथ पकड़ाया

मध्य प्रदेश के उमरिया में एक डॉक्टर को पैसे लेकर पोस्टमार्टम रिपोर्ट देने के आरोप में पकड़ा गया है. इस घटना को लेकर एक अधिकारी ने कहा कि सरकारी डॉक्टर को गुरुवार को उमरिया जिले में एक व्यक्ति से उसके रिश्तेदार का पोस्टमार्टम रिपोर्ट पुलिस को भेजने के लिए 3,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए पकड़ा गया.

न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट के मुताबिक पुलिस अधीक्षक (एसपी) गोपाल सिंह धाकड़ ने बताया कि मानपुर के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में तैनात डॉक्टर राजेंद्र मांझी (30) को भ्रष्टाचार निरोधक लोकायुक्त (पुलिस) ने रंगे हाथों पकड़ा है. डॉक्टर के खिलाफ यह कार्रवाई वीरेंद्र कुमार यादव द्वारा दायर एक शिकायत के बाद की गई है.

लोकायुक्त डीएसपी प्रमोद कुमार ने कहा कि वीरेंद्र कुमार यादव का भतीजा बाली यादव लगभग डेढ़ महीने पहले गांव के एक तालाब में डूब गया था जिससे उसकी मौत हो गई थी. उसके पोस्टमार्टम रिपोर्ट को पुलिस को भेजने के लिए डॉकर मांझी ने कथित तौर पर 10,000 रुपये की मांग की थी ताकि परिवार मुआवजे के लिए आवेदन कर सके.

डीएसपी ने कहा, डॉक्टर मांझी ने बाद में 6,000 रुपये पर समझौता किया और यादव ने 3,000 रुपये की पहली किस्त देने के बाद पुलिस से संपर्क किया. उन्होंने बताया कि डीएसपी राजेश खेड़े समेत 12 सदस्यीय टीम ने सीएचसी में जाल बिछाया और डॉक्टर को पकड़ लिया. 

आरोपी डॉक्टर के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया था. अधिकारियों ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर राज्य सरकार ने यादव परिवार को चार लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी है.

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