सरकार ने वर्कर्स के लिए न्यूनतम मजदूरी बढ़ाई, 1,035 रुपये प्रतिदिन हुई, 1 अक्टूबर से फैसला लागू

केंद्र सरकार ने श्रमिकों के लिए परिवर्तनशील महंगाई भत्ते में संशोधन कर न्यूनतम मजदूरी दर बढ़ाकर 1,035 रुपये प्रतिदिन तक करने की घोषणा की. श्रम मंत्रालय के बयान में कहा गया है कि इस कदम का उद्देश्य श्रमिकों को जीवनयापन की बढ़ती लागत से पार पाने में मदद करना है. संशोधन के बाद निर्माण, साफ-सफाई, समान उतारने और चढ़ाने जैसे अकुशल काम में लगे श्रमिकों के लिए क्षेत्र ‘ए’ में न्यूनतम मजदूरी दर 783 रुपये प्रति दिन (20,358 रुपये प्रति माह) होगी.

अर्ध-कुशल श्रमिकों के लिए न्यूनतम मजदूरी दर 868 रुपये प्रति दिन (22,568 रुपये प्रति माह) और कुशल, लिपिक तथा बिना हथियार वाले चौकीदार या गार्ड के लिए 954 रुपये प्रति दिन (24,804 रुपये प्रति माह) होगी.

अत्यधिक कुशल और हथियारों के साथ चौकीदारी या गार्ड का काम करने वालों के लिए न्यूनतम वेतन दर 1,035 रुपये प्रति दिन (26,910 रुपये प्रति माह) होगी. नई वेतन दरें एक अक्टूबर, 2024 से प्रभावी होंगी. अंतिम संशोधन अप्रैल, 2024 में किया गया था. न्यूनतम मजदूरी दरों को कौशल स्तरों –अकुशल, अर्ध-कुशल, कुशल और अत्यधिक कुशल के साथ-साथ भौगोलिक क्षेत्र… ए, बी और सी… के आधार पर वर्गीकृत किया जाता है.

श्रम मंत्रालय के बयान में कहा गया है कि केंद्र सरकार ने श्रमिकों, विशेषकर असंगठित क्षेत्र के कामगारों को समर्थन देने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम के तहत परिवर्तनीय महंगाई भत्ते (वीडीए) को संशोधित करके न्यूनतम मजदूरी दरों में वृद्धि की घोषणा की है. न्यूनतम मजदूरी दरों के बारे में विस्तृत जानकारी मुख्य श्रम आयुक्त (केंद्रीय) की वेबसाइट…सीएलसी डॉट गाव डॉट इन पर उपलब्ध है.

केंद्र सरकार साल में दो बार इसे संशोधित करती है. यह 1 अप्रैल और 1 अक्टूबर से प्रभावी होता है. सरकार का कहना है कि यह समायोजन श्रमिकों को जीवन यापन की बढ़ती लागत से निपटने में मदद करने के उद्देश्य से है.

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