ग्राम धानियालूर एवं आड़ावाल में आयोजित मेला मड़ई और जात्रा कार्यक्रम में गत दिवस क्षेत्रवासियों के साथ सम्मिलित होकर भक्तिमय एवं सांस्कृतिक आयोजनों का आनंद लिया गया। आयोजन के दौरान पारंपरिक पूजा-अर्चना कर श्रद्धालुओं को शुभकामनाएं दी गईं।
बस्तर में आयोजित होने वाले इस तरह के मेला-मड़ई जनजातीय संस्कृति, परंपरा और भाईचारे का जीवंत प्रतीक हैं। ये आयोजन न केवल लोक कला, हस्तशिल्प और आदिवासी रीति-रिवाजों को संरक्षित करने का माध्यम हैं, बल्कि इनमें बस्तर की अद्भुत संस्कृति और समृद्ध विरासत का परिचय भी मिलता है।
इस ऐतिहासिक आयोजन हेतु समस्त क्षेत्रवासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं प्रेषित की गईं। ऐसे पर्व सभी को अपनेपन और एकता का अहसास कराते हैं, जो समाज में शांति और सुकून का वातावरण निर्मित करते हैं।