50 हजार पौधों से हरित क्रांति की शुरुआत! वन विकास निगम–एनएमडीसी समझौते से बढ़ेगा रोजगार और पर्यावरण संरक्षण

पौधारोपण


छत्तीसगढ़ में हरियाली बढ़ाने और स्थानीय रोजगार सृजन की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है। वन विकास निगम और एनएमडीसी बचेली के बीच 50 हजार पौधारोपण के लिए अनुबंध किया गया है। यह पहल पर्यावरण संरक्षण, जलवायु संतुलन और ग्रामीण आजीविका को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

13 जनवरी को हुए इस समझौते का मुख्य उद्देश्य हरित आवरण बढ़ाना, कार्बन उत्सर्जन कम करना और जैव विविधता को संरक्षित करना है।


🌱 क्यों जरूरी है पौधारोपण?

आज जलवायु परिवर्तन पूरी दुनिया के लिए चुनौती बना हुआ है। ऐसे में बड़े स्तर पर पौधारोपण कई समस्याओं का समाधान बन सकता है।

इस अभियान के प्रमुख उद्देश्य:

  • कार्बन उत्सर्जन में कमी लाना
  • वायु गुणवत्ता में सुधार
  • मिट्टी के कटाव को रोकना
  • ऑक्सीजन स्तर बढ़ाना
  • भविष्य की पीढ़ियों के लिए संतुलित पारिस्थितिकी तंत्र तैयार करना

यह पहल पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ सतत विकास को भी बढ़ावा देगी।


🌳 15 लाख से अधिक पौधे पहले ही लगाए जा चुके

वन विकास निगम वर्ष 2005 से एनएमडीसी के विभिन्न क्षेत्रों में लगातार पौधारोपण कर रहा है।

अब तक की उपलब्धियां:

  • कुल 15 लाख 37 हजार पौधों का रोपण
  • हरित क्षेत्र में उल्लेखनीय वृद्धि
  • पर्यावरण संरक्षण को मजबूती

अब 50 हजार नए पौधे चरणबद्ध तरीके से लगाए जाएंगे।


🌿 स्थानीय प्रजातियों को मिलेगी प्राथमिकता

इस अभियान में स्थानीय प्रजातियों के पौधों को प्राथमिकता दी जाएगी, जिससे क्षेत्र की जैव विविधता सुरक्षित रह सके।

विशेष व्यवस्थाएं:

  • पौधों की नियमित देखरेख
  • संरक्षण के लिए निगरानी
  • दीर्घकालिक विकास सुनिश्चित करने की योजना

इससे लगाए गए पौधे सुरक्षित रूप से विकसित हो सकेंगे और पर्यावरण को स्थायी लाभ मिलेगा।


👷‍♂️ हरियाली के साथ रोजगार भी

वन मंत्री श्री केदार कश्यप ने इस पहल की सराहना की है। उनका मानना है कि यह अभियान केवल पर्यावरण तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के अवसर भी पैदा करेगा।

संभावित लाभ:

  • पौधारोपण कार्य में स्थानीय श्रमिकों की भागीदारी
  • देखरेख और संरक्षण में रोजगार
  • ग्रामीण आय में वृद्धि

एनएमडीसी बचेली द्वारा यह कार्य कंपनी की सामाजिक दायित्व (CSR) गतिविधियों के अंतर्गत किया जा रहा है। यह पहल पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ स्थानीय विकास और आजीविका सुदृढ़ीकरण की दिशा में अहम कदम है।


🌏 हरित भविष्य की ओर मजबूत कदम

50 हजार पौधों का यह अभियान केवल एक परियोजना नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ और संतुलित वातावरण का संकल्प है।

बढ़ती गर्मी, प्रदूषण और जलवायु संकट के बीच यह पौधारोपण पहल छत्तीसगढ़ को हरित और समृद्ध बनाने की दिशा में एक प्रेरणादायक उदाहरण बन सकती है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *