‘मंगेश यादव इतना बड़ा लुटेरा होता तो टूटे-फूटे मकान में ना रहते’, बहन ने बताया कैसे भाई को रात में उठाकर ले गई थी पुलिस,

सुल्तानपुर डकैती कांड के आरोपी मंगेश यादव के एनकाउंटर के मामले ने तूल पकड़ लिया है. सपा प्रमुख अखिलेश यादव, कांग्रेस नेता राहुल गांधी सरीखे बड़े नेताओं ने इस एनकाउंटर पर सवाल उठाए हैं. वहीं, मंगेश यादव के परिजनों ने भी एनकांउटर को फर्जी बताया है.  परिजनों का कहना है कि पुलिस मंगेश को सोमवार की देर रात (2 सितंबर) घर से उठाकर ले गई थी. पूछने पर कहा था कि पूछताछ के लिए ले जा रहे हैं, एक-दो दिन में छोड़ देंगे. लेकिन इसके बाद 5 सितंबर को फर्जी तरीके से उसका एनकाउंटर कर दिया.

जौनपुर के बक्सा थाना क्षेत्र के अगरौरा गांव निवासी मंगेश यादव की छोटी बहन प्रिंसी का कहना है कि उसका भाई तो वारदात वाले दिन यानी 28 अगस्त को उसकी फीस जमा करने के लिए उसके स्कूल गया था. फीस कार्ड लेकर नहीं गया तो उस दिन फीस जमा नहीं हो पाई. लेकिन सुबह 9 बजे से दोपहर 2 बजे तक भाई उसके साथ ही था. ऐसे में वह घटना को कैसे अंजाम दे सकता है. अगर भाई लुटेरा होता तो हम लोग इस टूटे-फूटे मकान में नहीं रहते. घर में एक बाइक तक नहीं है. पड़ोसी की बाइक से स्कूल छोड़ने गया था. 

प्रिंसी ने दावा किया कि यूपी STF व पुलिस की टीम 2 सितंबर की रात करीब 2 बजे मंगेश को घर से उठा कर ले गई थी. इसके बाद 5 सितंबर की सुबह उसके भाई मंगेश को मार डाला. सुबह-सुबह फोन आया कि उसकी लाश सुल्तानपुर के पोस्टमार्टम हाउस में पड़ी है. 

बकौल प्रिंसी- सोमवार की रात लगभग 2:00 बजे पुलिस वाले सादी वर्दी में घर से मंगेश को पूछताछ के लिए लेकर गए थे. घर की तलाशी ली गई. भाई को दो तमाचे मारे. घरवालों को भी धमकाया. इसके बाद गुरुवार की सुबह एनकाउंटर की खबर आई. 

एनकाउंटर में मारे गए मंगेश के पिता राकेश यादव गुजरात में ट्रक ड्राइवरी करते हैं. राकेश का कहना है कि बेटा जुलाई में ही करीब 7 महीने बाद गुजरात से लौटा था. अगर वो इतना बड़ा लुटेरा होता तो हमारे पास ऐसा घर नहीं रहता. लूट/डकैती के बाद भला कौन रात में अपने ही घर में सोता है. जब पुलिस घर से सही सलामत उठाकर ले गई तो ये एनकाउंटर कैसे हुआ. हर दिन नई कहानी बनाई जा रही है. अब तो सीबीआई जांच का ही भरोसा है. 

जानकारी के मुताबिक, सुल्तानपुर कांड के आरोपी मंगेश यादव के ऊपर 2 सितंबर को 50 हजार रुपये का इनाम घोषित हुआ. फिर 4 सितंबर को मंगेश समेत कुल 10 बदमाशों पर 1-1 लाख का इनाम घोषित किया गया. वहीं, गुरुवार की सुबह एसटीएफ की टीम ने मंगेश को एनकाउंटर में मार गिराया. उस पर कुल सात मुकदमे दर्ज थे. यह मुकदमे चोरी लूट और डकैती के मामले दर्ज थे. 

बता दें कि सुल्तानपुर में सर्राफा कारोबारी की दुकान से दिनदहाड़े हुई करोड़ों की लूट के मामले में एसटीएफ ने गुरुवार (5 अगस्त) की सुबह मंगेश यादव को एनकाउंटर में मार गिराया था. इस एनकाउंटर पर सपा मुखिया ने सवाल उठाए. अखिलेश यादव ने ‘एक्स’ पर लिखा- लगता है सुल्तानपुर की डकैती में शामिल लोगों से सत्ता पक्ष का गहरा संपर्क था, इसीलिए तो नकली एनकाउंटर से पहले ‘मुख्य आरोपी’ से संपर्क साधकर सरेंडर करा दिया गया और अन्य सपक्षीय लोगों के पैरों पर सिर्फ दिखावटी गोली मारी गई और ‘जात’ देखकर जान ली गई.

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