जयकारा ही तो लगाया था, चाहता था कि… जगद्गुरु की ‘डांट’ पर क्या बोले बाल संत अभिनव अरोड़ा

सोशल मीडिया पर बाल संत और भगवान श्रीकृष्ण के भक्त अभिनव अरोड़ा कई दिनों से सुर्खियों में हैं। अभिनव को पिछले दिनों जगद्गुरु रामभद्राचार्य महाराज ने डांट लगाते हुए मंच से नीचे उतार दिया था, जिसके बाद अब बाल संत की सफाई आई है। उन्होंने कहा है कि मैंने सिर्फ रामजी के नाम पर वहां जयकारा ही लगाया था। इसमें क्या हो गया? मैं चाहता था कि उनकी दृष्टि मुझपर पड़े।

दरअसल, पिछले दिनों सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें अभिनव रामभद्राचार्य महाराज के साथ मंच पर था। वहीं पर वह जयकारे लगा रहा था और मंच पर इधर-उधर घूम भी रहा था। इसी दौरान, रामभद्राचार्य महाराज काफी नाराज हो गए थे और कई बार मंच से नीचे उतारने के लिए कह दिया था। इसके बाद रामभद्राचार्य महाराज ने कहा था कि अभिनव का स्वभाव है कि वह संतों के पास जाकर हरकतें करता है और उछलता-कूदता है।

‘न्यूज नेशन’ के साथ इंटरव्यू में अभिनव अरोड़ा से कई सवाल-जवाब किए गए। अभिनव से जब पूछा गया कि आप पर आरोप लग रहा है कि जब दुकान पर जाते हैं तो वहां पैसे भी लेते हैं। इन आरोपों पर अभिनव ने कहा कि जो प्रेम से बुलाता है, हम चले जाते हैं, लेकिन हम चार्ज नहीं करते हैं। उसने इंटरव्यू में बताया कि मैं गुरुकुल जाना चाहता हूं, लेकिन चूंकि मां-पिताजी तैयार नहीं हैं। मैंने वैराग्य नहीं लिया है।

वहीं, जब अभिनव अरोड़ा पर एटीट्यूड दिखाने का आरोप लगाया गया तो उन्होंने कहा कि बिल्कुल भी नहीं है एटीट्यूड, लेकिन हम कब तक बर्दाश्त करेंगे। मेरी वजह से कोई पूजा-पाठ कर रहा है तो इसमें आपको दिक्कत क्यों आ रही है? उसने आगे बताया कि मैं कान्हा जी को छोटा भाई मानता हूं। मैं श्रीकृष्ण का बड़ा भाई हूं। मैं श्रीकृष्ण को छोटे भाई के रूप में देखता हूं। कोई कान्हा जी को बड़ा भाई मानता है, कोई पिता मानता है तो कोई गुरु मानता है, लेकिन इसमें गलत क्या है? कुछ गलत नहीं कर रहा हूं, कर तो कान्हा जी की भक्ति ही कर रहा हूं।

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