छत्तीसगढ़ स्वास्थ्य सेवाएं
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छत्तीसगढ़ स्वास्थ्य सेवाओं को और मजबूत करने पर सरकार का फोकस
रायपुर। छत्तीसगढ़ में छत्तीसगढ़ स्वास्थ्य सेवाएं को और अधिक प्रभावी, सुलभ और गुणवत्तापूर्ण बनाने के उद्देश्य से राज्य सरकार ने मिशन मोड में काम करने के निर्देश दिए हैं। नवा रायपुर स्थित स्वास्थ्य भवन में आयोजित मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) और सिविल सर्जन की राज्य स्तरीय समीक्षा बैठक के दूसरे दिन स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने अधिकारियों को स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए।
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि बीते दो वर्षों में प्रदेश के स्वास्थ्य क्षेत्र में उल्लेखनीय सुधार हुआ है, लेकिन सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता यह है कि दूरस्थ, वनांचल और जनजातीय क्षेत्रों में रहने वाले अंतिम व्यक्ति तक समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचे।
🚑 मोबाइल मेडिकल यूनिट से दुर्गम क्षेत्रों तक सेवा
स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि प्रदेश के दुर्गम इलाकों में 57 मोबाइल मेडिकल यूनिट के माध्यम से लगातार स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान की जा रही हैं। उन्होंने सभी मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारियों को निर्देश दिए कि:
- मोबाइल मेडिकल यूनिट की नियमित समीक्षा की जाए
- लाभार्थियों से फीडबैक लिया जाए
- सेवाओं की गुणवत्ता पर सतत निगरानी रखी जाए
जनजातीय क्षेत्रों को प्राथमिकता देते हुए उन्होंने हर माह समीक्षा बैठक आयोजित करने के निर्देश भी दिए।
📞 आपातकालीन सेवाओं में त्वरित समाधान पर जोर
आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर मंत्री जायसवाल ने 102 महतारी एक्सप्रेस, 108 संजीवनी एक्सप्रेस और 1099 से जुड़ी शिकायतों के त्वरित निराकरण पर विशेष बल दिया।
उन्होंने कहा:
- आपातकालीन सेवाओं में देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी
- शिकायतों का समयबद्ध समाधान अनिवार्य है
- हर स्तर पर मिशन मोड में कार्य किया जाए
🏥 आयुष्मान आरोग्य मंदिर और डायग्नोस्टिक सेवाएं होंगी मजबूत
स्वास्थ्य मंत्री ने प्रदेश के 5,000 से अधिक आयुष्मान आरोग्य मंदिर (उप-स्वास्थ्य केंद्र) को पूरी तरह क्रियाशील करने के निर्देश दिए। इसके अंतर्गत:
- पर्याप्त मानव संसाधन की उपलब्धता
- अधोसंरचना का सुदृढ़ीकरण
- आवश्यक सुविधाओं की समयबद्ध पूर्ति
डायग्नोस्टिक सेवाओं पर जोर देते हुए उन्होंने अस्पतालों में:
- लैब टेक्नीशियन की उपलब्धता
- जांचों की गुणवत्ता और सटीकता
- नए जांच उपकरणों की शीघ्र खरीदी
सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही बाहर की दवाएं लिखने वाले चिकित्सकों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करने के भी आदेश दिए गए।
👨⚕️ मानव संसाधन और डायलिसिस सुविधा का विस्तार
मानव संसाधन को स्वास्थ्य व्यवस्था की रीढ़ बताते हुए मंत्री जायसवाल ने नए जिलों के CMHO और सिविल सर्जनों को एक सप्ताह के भीतर भर्ती विज्ञापन जारी करने के निर्देश दिए।
उन्होंने प्रधानमंत्री राष्ट्रीय डायलिसिस कार्यक्रम को महत्वाकांक्षी बताते हुए:
- प्रत्येक ब्लॉक स्तर पर डायलिसिस यूनिट
- सभी PHC तक जन औषधि केंद्रों का विस्तार
करने पर विशेष जोर दिया।
🩸 शासकीय अस्पतालों की छवि सशक्त करने पर जोर
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि प्रदेश के शासकीय अस्पताल किसी भी दृष्टि से निजी अस्पतालों से कमतर नहीं होने चाहिए। इसके लिए:
- जिला अस्पतालों में बेहतर उपचार सुविधाएं
- उच्च स्तरीय स्वच्छता व्यवस्था
- सभी जिला अस्पतालों में अनिवार्य रूप से ब्लड बैंक
सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।