रायपुर. हेपेटाइटिस बी वैक्सीन की छत्तीसगढ़ सहित पूरे देश में कमी है. इस समस्या को दूर करने एसोसिएशन ऑफ हेल्थकेयर प्रोवाइडर्स इंडिया (एएचपीआई) छत्तीसगढ़ चैप्टर के अध्यक्ष डॉ. राकेश गुप्ता ने स्वास्थ्य सचिव, संचालक एवं मुख्य औषधि नियंत्रक को पत्र लिखा है. डॉ. गुप्ता ने कहा, हेपेटाइटिस बी के संक्रमण को रोकने का वैक्सीन ही एकमात्र विकल्प है. वैक्सीन की कमी से छत्तीसगढ़ सहित पूरे भारत में क्रोनिक लिवर रोग और लिवर कैंसर के मरीजों में वृद्धि हो सकती है. उन्होंने इस गंभीर विषय को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री के संज्ञान में भी लाया है.
एएचपीआई छत्तीसगढ़ चैप्टर के महासचिव अतुल सिंघानिया ने बताया कि इस विषय पर डॉ. राकेश गुप्ता ने स्वास्थ्य सचिव आईएसएस अमित कटारिया, स्वास्थ्य संचालक डॉ. प्रियंका शुक्ल और मुख्य औषधि नियंत्रक को पत्र लिखा है. उन्होंने हेपेटाइटिस बी वैक्सीन की भारी कमी की वजह से सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए उत्पन्न हो रहे बड़े जोखिम से अवगत कराया है और इसका तत्काल समाधान निकालने की मांग की है. पत्र में डॉ. गुप्ता ने लिखा है कि यह वैक्सीन हेपेटाइटिस बी के संक्रमण को रोकने का एकमात्र विकल्प है, विशेषकर नवजात शिशुओं, स्वास्थ्य सेवा कर्मियों और पुरानी बीमारियों से पीड़ित व्यक्तियों जैसे उच्च जोखिम वाले समूहों में. संक्रमित माताओं से नवजात शिशुओं में हेपेटाइटिस बी के संक्रमण को रोकने के लिए टीका महत्वपूर्ण है. नवजात बच्चों को जीवन में क्रोनिक लिवर रोग विकसित होने का खतरा होता है. संक्रमित रक्त और शारीरिक तरल पदार्थों के लगातार संपर्क में रहने के कारण स्वास्थ्य सेवा कर्मियों को हेपेटाइटिस बी होने का जोखिम अधिक होता है. हेपेटाइटिस बी की वैक्सीन उनकी पहुंच में न होने से न केवल उनका स्वास्थ्य जोखिम में पड़ता है, बल्कि स्वास्थ्य सेवाओं का समग्र कार्य भी प्रभावित होता है.