नाबालिग दुष्कर्म सजा
मुंगेली अदालत का ऐतिहासिक फैसला
छत्तीसगढ़ के मुंगेली में एक नाबालिग बालिका के साथ हुए गंभीर दुष्कर्म मामले में न्यायालय ने ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। एफ.टी.सी. मुंगेली की अदालत ने आरोपी को दोषी करार देते हुए आजिवन कारावास की सजा सुनाई है। आरोपी पीड़िता का जीजा बताया गया है और यह मामला सिटी कोतवाली मुंगेली थाना क्षेत्र का है।
मामला और सुनवाई का विवरण
- मामला दर्ज: 9 दिसंबर 2024
- साक्ष्य सुनवाई प्रारंभ: 17 जनवरी 2025
- आरोपी के खिलाफ लागू धाराएँ:
- भारतीय दंड संहिता (IPC): धारा 65(1), 64(2)(2)
- पॉक्सो अधिनियम: धारा 5(सी)/6 और 4(2)
अदालत ने आरोपी को धारा 4(2) और 6 पॉक्सो एक्ट के तहत आजिवन कारावास के साथ 2,000 रुपये अर्थदंड भी सुनाया। अर्थदंड न अदा करने की स्थिति में अतिरिक्त छह-छह माह का सश्रम कारावास भुगतना होगा।
पीड़िता के मुआवजे का निर्णय
अदालत ने पीड़िता के मानसिक, शारीरिक और सामाजिक नुकसान को ध्यान में रखते हुए छत्तीसगढ़ शासन की यौन उत्पीड़न पीड़ित क्षतिपूर्ति योजना के तहत कुल 5,00,000 रुपये मुआवजा देने का आदेश दिया।
- 1,00,000 रुपये सीधा पीड़िता के बैंक खाते में जमा
- शेष 4,00,000 रुपये उसके वयस्क होने तक सुरक्षित सावधि जमा में रखे जाएंगे
न्यायालय का उद्देश्य
- आरोपी को कड़ी सजा देना
- पीड़िता और उसके परिवार को सुरक्षा और न्याय की भावना प्रदान करना
- अन्य ऐसे अपराधियों के लिए संदेश देना कि कानून उन्हें बख्शेगा नहीं
न्यायिक प्रक्रिया का संक्षिप्त विवरण
- आरोपी को न्यायिक अभिरक्षा में बिताई गई निरोध अवधि का लाभ भी दिया गया।
- मामला न केवल मुंगेली, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ में पॉक्सो कानून के तहत कठोर कार्रवाई का उदाहरण बन गया।
- अदालत ने स्पष्ट किया कि पीड़िता का सुरक्षा और पुनर्वास सर्वोच्च प्राथमिकता है।