गुरुग्राम. गुरुग्राम में सेक्टर-34 स्थित रिको ऑटो इंडस्ट्रीज के पास लगे एटीएम से 10 लाख रुपये चोरी कर फरार होने का मामला सामने आया है। हैरानी की बात यह है कि एटीएम को न तो उखाड़ा गया और न ही तोड़ा गया। पहली बार इस तरह की चोरी का मामला सामने आया है। मामले की जांच पुलिस ने शुरू कर दी है।
दिल्ली-जयपुर हाईवे पर इस इंडस्ट्रीज के पास एक्सिस बैंक का एटीएम है। इसमें दो मशीन लगी हैं। इस एटीएम का रखरखाव हिटाची पेमेंट सर्विस प्राइवेट लिमिटेड करती है, जिसका मुख्यालय तमिलनाडू के चेन्नई के सिलिकॉन टावर में है। इस कंपनी में कार्यरत वकील गौरव कुमार ने थाना सदर में शिकायत दी है कि उसकी कंपनी एक्सिस बैंक के इस एटीएम का रखरखाव करती है। एटीएम में 10 लाख रुपये थे। 30 अप्रैल की रात को इसे बिना तोड़े राशि को अज्ञात चोरों ने निकाल लिया है।
आरोप है कि चोर इस एटीएम में लगे डीवीआर, बैटरी और हार्ड डिस्क चुरा कर ले गए। एटीएम से पीसी कोर और चेस्ट लॉक भी गायब है। थाना सदर पुलिस ने अज्ञात चोरों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। इस मामले में कंपनी के वकील गौरव कुमार से बात करने का प्रयास किया, लेकिन संपर्क नहीं हो सका।
गुरुग्राम पुलिस ने इस कंपनी को नोटिस जारी किया है। इसमें चोरी की इस घटना से जुड़े कुछ सवालों के जवाब मांगे गए हैं। पुलिस को शक है कि रखरखाव टीम के किसी अधिकारी या कर्मचारी की इन चोरों के साथ साठ-गांठ हो सकती है। प्रत्येक एटीएम अलार्म से जुड़ा होता है। किसी भी तरह की गड़बड़ी होने पर तुरंत पता चल जाता है, लेकिन इस मामले में ऐसा नहीं हुआ। रिको कंपनी और इस एटीएम के आसपास के सीसीटीवी कैमरों की जांच की जा रही।
पुलिस के समक्ष इस तरह का मामला पहली बार आया है। एटीएम को खोलने के लिए चॉबी और अंदर लगे डिजिटल लॉक को खोलने के लिए पासवर्ड की आवश्यकता होती है। ऐसे में इस कंपनी की कहानी को पुलिस अधिकारी पचा नहीं पा रहे हैं। महत्वपूर्ण बात यह भी है कि रुपये चोरी होने की शिकायत चोरी होने के 10वें दिन दी गई है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि क्या इस एटीएम को हैक करके हैकर्स ने यह राशि निकाली है।
सूत्रों के मुताबिक अब तक इस कंपनी ने पुलिस को बताया है कि एटीएम सर्विलांस टीम ने जांच में पाया कि इस एटीएम से 10 लाख रुपये की राशि निकल चुकी है, लेकिन किस खाते से रुपये निकाले गए हैं, यह जानकारी सामने नहीं आ रही है। जांच की गई तो पता चला कि एटीएम से यह राशि चोरी हो चुकी है।
थाना सदर प्रभारी सुनील कुमार ने कहा कि मामले में रखरखाव कर रही कंपनी की शिकायत संदिग्ध लग रही है। चोरी के 10वें दिन शिकायत दी गई है। एटीएम को बिना तोड़े और उखाड़े रुपये निकाले गए हैं। चाबी और पासवर्ड कंपनी अधिकारी या कर्मचारी के पास होता है। ऐसे में शुरुआती जांच में किसी की संलिप्तता लग रही।
सेवानिवृत्त बैंक प्रबंधक नितिन राणा ने बताया कि एटीएम खोलने के लिए चाबी का इस्तेमाल होता है। अंदर डिजिटल लॉक होता है, जो पासवर्ड डलने के बाद खुलता है। इसके बाद रुपयों की ट्रे तक कर्मचारी पहुंचता है। इसके बाद राशि डाली जाती है। इसे ऑनलाइन देखा जाता है। एटीएम को बिना तोड़े या उखाड़े 10 लाख रुपये निकलना आश्चर्यजनक है।