विदेश में कैसी होती है प्रधानमंत्री की सुरक्षा?

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पोलैंड और यूक्रेन दौरे पर हैं और ट्रेन के जरिए पोलैंड से यूक्रेन जाएंगे. पहली बार किसी पीएम के यूक्रेन जाने से और वॉर जोन होने की वजह से पीएम मोदी की इस विजिट की काफी चर्चा हो रही है. क्या आप जानते हैं कि जब भी भारत के प्रधानमंत्री देश के बाहर जाते हैं तो किस तरह उनकी सुरक्षा के इंतजाम भी किए जाते हैं. ऐसे में जानते हैं कि आखिर विदेश में पीएम सिक्योरिटी का क्या प्रोटोकॉल है?

भारत के प्रधानमंत्री की सुरक्षा की जिम्मेदारी विशेष सुरक्षा दल (Special Protection Group) यानी एसपीजी की होती है. एसपीजी ही देश के प्रधानमंत्री को सिक्योर करती है और एसपीजी के पास विदेश में भी पीएम को सिक्योरिटी देने का जिम्मा होता है. ऐसे में एसपीजी का एक दल पीएम के साथ विदेश भी जाता है. देश में सिर्फ प्रधानमंत्री की सुरक्षा का जिम्मा एसपीजी के पास होता है और एसपीजी की ब्लू बुक के प्रोटोकॉल के आधार पर ही पीएम के दौरे, पीएम के रुकने की व्यवस्था, कार्यक्रम आदि का प्लान तैयार किया जाता है. 

विदेश में भी पीएम की सुरक्षा की जिम्मेदारी एसपीजी के पास ही होती है. बताया जाता है कि जब भी पीएम देश से बाहर जाते हैं तो पीएम के दौरे से पहले ही एसपीजी Advance Security Liaison टीम उस देश में जाकर वहां की जांच करती है. वो दौरे से पहले जाकर पीएम के दौरे के हिसाब से वहां की व्यवस्था देखती है, जिसमें पीएम की एंट्री एग्जिट जैसी कई चीजों को लेकर प्लान बनाते हैं. 

इसके साथ ही एसपीजी इंटेलिजेंस की रिपोर्ट के आधार पर अपना प्लान बनाती है. फिर जब पीएम विदेश जाते हैं तो उनके साथ रहकर पहले से तय प्लान के हिसाब से सिक्योरिटी दी जाती है. इसके अलावा जब भी प्रधानमंत्री विदेश दौरे पर रहते हैं तो एसपीजी और इंटेलिजेंस वहां की सिक्योरिटी फोर्स के साथ भी कॉर्डिनेट करती है. दरअसल, उस देश की ओर से भी गेस्ट को सिक्योरिटी दी जाती है. एसपीजी वेन्यू पर एक्सेस कंट्रोल से लेकर, सिक्योर रूट, गाड़ी, बिल्डिंग की सुरक्षा का खास ध्यान रखती है. कई राष्ट्राध्यक्ष अपनी पर्सनल सिक्योर कार से ही ट्रैवल करना पंसद करते हैं. 

जैसे कई देशों में वीवीआईपी को सुरक्षा देने के लिए उस होटल के बाहर कई ट्रक खड़े कर दिए जाते हैं, जहां वो रुके होते हैं. इसका कारण ये होता है कि अगर कोई हमलावर कार से सीधा हमला करता है तो वो सीधे अंदर एंट्री नहीं कर पाता और उस बिल्डिंग से सीधा नहीं टकरा पाता है. ऐसे में अगर कोई कार से सीधे हमला करना चाहे तो वो गेस्ट को नुकसान नहीं पहुंचा सकता.

अगर यूक्रेन की बात करें तो वहां भी यूक्रेन की सिक्योरिटी फोर्स पीएम मोदी की सिक्योरिटी में तैनात रहेगी. वहां सुरक्षा की जिम्मेदारी सिक्योरिटी सर्विस ऑफ यूक्रेन की होती है और स्टेट प्रोटेक्शन डिपार्टमेंट इस पर काम करता है. ऐसे में जब पीएम मोदी यूक्रेन में होंगे तो एसपीजी के साथ वहां की सिक्योरिटी फोर्स के जवान भी उन्हें सिक्योर करेंगे. हालांकि, आम तौर पर पीएम के बिल्कुल करीब एसपीजी के जवान ही रहते हैं. 

जिस ट्रेन से पीएम मोदी ट्रैवल करने वाले हैं,  उसमें भी एक सर्विलांस सिस्टम है और एक सिक्योर कम्यूनिकेशन नेटवर्क और सुरक्षाकर्मियों की एक खास टीम भी है. इन सिक्योरिटी सिस्टम के जरिए ट्रेन के बाहर की स्थिति का खास ध्यान रखा जाता है. साथ ही इस ट्रेन में बुलेटप्रूफ कांच लगे हैं और इसके लिए ही खास सिक्योरिटी टीम है, जो वीआईपी लोगों की सुरक्षा का ध्यान रखती है. साथ ही इस ट्रेन में सुरक्षा का खास ध्यान रखा गया है. 
 

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