एक झूठी बम धमकी की कीमत…एयरलाइंस पर कैसे बढ़ जाता है बोझ, जानिए सबकुछ

इधर विमानों को बम से उड़ाने की धमकियों का सिलसिला बढ़ गया है। पिछले एक हफ्ते में केवल भारत के करीब 21 विमानों को उड़ाने की धमकी मिल चुकी है। वहीं, ओवरऑल देखें तो पिछले कुछ अरसे में करीब 40 विमानों को ऐसी धमकियां दी जा चुकी हैं। हालांकि अभी तक किसी विमान में धमाका तो नहीं हुआ है। लेकिन यह धमकियां आर्थिक रूप से जरूर नुकसान पहुंचा रही हैं। एक अनुमान के मुताबिक इंडियन एयरलाइंस को अब तक करोड़ों रुपए का चूना लग चुका है। अपने तय डेस्टिनेशन तक यात्रा करने में विमान का खर्च तय होता है, लेकिन इसमें किसी तरह का बदलाव होने पर इसमें इजाफा हो जाता है। यह रकम विमान के ईंधन, बिना शिड्यूल लैंडिंग, एयरपोर्ट के पार्किंग शुल्क और सुरक्षा उपायों पर खर्च हो जाती है।

अब 14 अक्टूबर का ही उदाहरण लेते हैं। इस दिन एयर इंडिया का बोइंग 777 मुंबई से न्यूयॉर्क के जेकेएफ एयरपोर्ट जा रहा था। टेकऑफ के कुछ ही देर बाद इसे बम से उड़ाने की धमकी मिली। नतीजा, 200 पैसेंजर्स और 130 टन जेट फ्यूल से लदे विमान को दिल्ली डायवर्ट करना पड़ा। इस दौरान सुरक्षित लैंडिंग के प्रयास में विमान को करीब 100 टन जेट फ्यूल जलाना पड़ा। टाइम्स ऑफ इंडिया के मुताबिक इस प्रॉसीजर में ही एयरलाइन को करीब एक करोड़ रुपए का नुकसान हुआ। रिपोर्ट के मुताबिक ईंधन नष्ट होना तो एक बात है। बिना शिड्यूल के लैंड होने की फीस, यात्रियों के ठहरने का इंतजाम, विमान का पार्किंग शुल्क और क्रू रिप्लेसमेंट इस खर्च को तीन करोड़ तक पहुंचा देता है।

इसी तरह का मामला 15 अक्टूबर को भी देखने को मिला। तब एयर इंडिया का बोइंग 777 दिल्ली से शिकागो जा रहा था। अचानक बम की धमकी मिली और विमान को कनाडा में लैंड कराना पड़ा। इस विमान पर 200 से ज्यादा यात्री सवार थे। शिकागो पहुंचने से पहले तक विमान यहां पर तीन दिन से ज्यादा रुका। एयरलाइन को कनाडा एयरफोर्स का विमान किराए पर लेना पड़ा और इससे यात्रियों को उनकी डेस्टिनेशन तक पहुंचाया गया। इस चीज ने एयरलाइन के लिए खर्च को और ज्यादा बढ़ा दिया। जानकारी के मुताबिक बोइंग 777 के एक दिन की रेंटल कॉस्ट 17 से लेकर 20 हजार डॉलर होती है। ऐसे में इस आपात लैंडिंग के बाद एयरलाइन के ऊपर 15 से 20 करोड़ का अतिरिक्त भार पड़ा होगा।


बम की झूठी धमकियों से सरकार भी तंग आ चुकी है। इसको देखते हुए जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं। नागरिक उड्डयन मंत्री के राममोहन नायडू ने संकेत दिया है कि मंत्रालय अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए नागरिक उड्डयन नियमों में संशोधन पर काम कर रहा है। उन्होंने कहा कि हम मामले को बेहद गंभीरता से ले रहे हैं। हम इस मामले में ऐक्शन लेंगे। नायडू ने कहा कि मंत्रालय इस तरह के खतरों से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए अंतरराष्ट्रीय नियमों की समीक्षा कर रहा है। इसके अलावा मंत्रालय बम की धमकी के लिए जिम्मेदार व्यक्तियों को नो-फ्लाई सूची में रखने पर भी विचार कर रहा है। अगर जरूरी हुआ तो इसको लेकर विधायी संशोधन भी किए जाएंगे। वर्तमान में, होक्स बम धमकी की घटनाओं के खिलाफ कार्रवाई पुलिस द्वारा आपराधिक कानूनों के तहत की जाती है।

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