देशभर में चर्चित मध्य प्रदेश के छतरपुर स्थित बागेश्वर धाम में 37 साल के एक शख्स की लाश अन्नपूर्णा मंदिर के पीछे तेंदू के पेड़ पर लटकी मिली। मृतक युवक का नाम राम प्रसाद लोधी है। वह एमपी के कटनी जिले का रहने वाला था। मृतक रविवार की रात से अपने घर से लापता था और परिजनों ने कैमूर थाने में गुमशुदगी भी दर्ज कराई थी। मृतक के पास से पुलिस को एक सुसाइड नोट भी मिला है जिसमे उसने अपने पारिवारिक कलह का जिक्र करते हुए लिखा है, ‘मैं अपने जीवन को बालाजी को समर्पित करना चाहता हूं।’
मृतक राम प्रसाद के बेटे ने बताया की उसके पिता पहले एक सीमेंट कंपनी में काम करते थे। कुछ समय पहले उन्होंने वह काम छोड़ दिया था और अब वह घर में ही एक किराने की दुकान चलाते थे। पिता जी काफी गुस्से वाले थे। वह बात-बात पर गुस्सा हुआ करते थे। घर से निकलते वक्त भी वह झगड़ा करके ही निकले थे। अपना मोबाइल और उपयोग करने वाली सभी जरूरत की चीजें घर पर ही छोड़ गए थे। पिछले तीन दिनों से परिवार के लोग उन्हें तलाश रहे थे उनका कोई पता नही लग रहा था। आज सुबह बागेश्वर धाम से पुलिस का फोन आया और उन्होंने घटना की जानकारी दी।
मृतक राम प्रसाद लोधी के बेटे बबलू लोधी ने बताया कि पुलिस को पिता जी के पास से पुलिस को एक सुसाइड नोट भी मिला है। रामप्रसाद लोधी के पास एक पन्ने का सुसाइड नोट मिला है। इसमें उसने तमाम पारिवारिक चीजों का जिक्र करते हुए यह लिखा है कि अब वह अपने जीवन को बालाजी को समर्पित करना चाहता है। फिलहाल इस पूरे मामले में पुलिस बारीकी से जांच कर रही है। सुसाइड नोट को भी फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा जा रहा है।
बागेश्वर धाम की चौकी में पदस्थ पुलिसकर्मियों ने पंचनामा बनाते हुए शव को पोस्टमार्टम के लिए राजनगर स्वास्थ्य केंद्र भेज दिया। यहां उसका पोस्टमार्टम किया जा रहा है। पोस्टमार्टम के बाद मृतक राम प्रसाद लोधी की शव को उसके परिजनों को सौंप दिया जाएगा।