कुत्ते-बिल्ली के शौकीन लोग महंगे दामों में इनको खरीद तो लेते हैं लेकिन इनका पंजीकरण नगर निगम अभिलेखों में दर्ज करने में 10 रुपये भी खर्च नहीं कर रहे। ऐसा हम नहीं बरेली नगर निगम का रिकॉर्ड बता रहा है। जी हां, नगर निगम सीमा में अनुमानित 25 हजार से ऊपर पालतू कुत्ते हैं जबकि 130 लोगों ने ही नगर निगम में पंजीकरण किया है। अब ऐसा न करने पर पांच हज़ार रुपये का जुर्माना लगेगा।
शहर में पालतू कुत्तों की प्रजाति छोटी नस्ल में पामेरियन, पग, बीगल, डैशहाउंड और बड़ी नस्ल के लेब्राडोर, जर्मन शेफर्ड, बुल डॉग, डेन, रॉटविलर जैसों की संख्या हजारों में है। पशु गणना के ताजा आंकड़े न आने की वजह से इनकी संख्या अनुमानित 25 हज़ार लगाई जा रही है। नगर निगम एक पालतू कुत्ते के पंजीकरण के लिए दस रुपये का शुल्क जमा करवाता है। इस शुल्क को नगर निगम में 130 लोगों ने ही जमा कराया है।
बिल्लियों का एक भी पंजीकरण नहीं
नगर निगम रिकॉर्ड के मुताबिक बरेली शहर में सवा दो लाख भवन हैं। डेढ़ लाख करदाताओं की संख्या है जो नगर निगम के गृह कर दायरे में आते हैं। इन भवनों में 30 प्रतिशत लोगों ने बिल्लियां पाल रखी है। इनमें मंचकिन कैट, स्कॉटिश फोल्ड, बंगाल कैट, अमेरिकन बॉबटेल कैट्स, मेन कून और परशियन कैट जैसी नस्ल की बिल्लियां पाली गई हैं। कुछ घरों में एक से अधिक बिल्लियां है लेकिन इनका नगर निगम में एक का भी पंजीकरण नहीं है।
पंजीकरण कराना अनिवार्य, नहीं तो लगेगा जुर्माना
बरेली नगर निगम के पशु चिकित्सा एवं कल्याण अधिकारी डॉ. आदित्य तिवारी ने बताया कि पालतू कुत्तों का पंजीकरण शुल्क फिलहाल 10 रुपये है। शहर में पालतू कुत्तों का पंजीकरण अनिवार्य किया जा रहा है, पंजीकरण नहीं कराने पर पांच हजार रुपये जुर्माना लगाया जाएगा।