प्रेग्नेंसी के दौरान कई बार महिलाओं को गर्भकालीन मधुमेह (Gestational Diabetes) की समस्या हो जाती है जिसमें शरीर में इंसुलिन सही तरह से काम नहीं कर पाता और ब्लड शुगर लेवल बढ़ने लगता है। यह स्थिति अस्थायी होती है, लेकिन अगर इसका ध्यान ना रखा जाए तो यह मां और बच्चे दोनों के लिए हानिकारक हो सकती है। ऐसे समय में सबसे जरूरी है सही खानपान। डॉक्टरों के अनुसार, जिन खाद्य पदार्थों का ग्लाइसेमिक इंडेक्स (GI) कम होता है, वे धीरे-धीरे ऊर्जा देते हैं और रक्त में शुगर का स्तर अचानक नहीं बढ़ने देते। इस कारण, लो GI फूड्स गर्भकालीन डायबिटीज को नियंत्रण में रखने में मददगार साबित होते हैं।
लो ग्लाइसेमिक इंडेक्स फूड्स की सूची
- साबुत अनाज (Whole Grains): ब्राउन राइस, ओट्स, क्विनोआ, जौ (Barley) और मिलेट्स जैसे बाजरा या ज्वार।
- दालें और फलियां (Legumes): चना, मसूर, राजमा और मटर में फाइबर की मात्रा अधिक होती है और ये लो GI फूड्स हैं।
- हरी सब्जियां (Green Vegetables): पालक, ब्रोकली, भिंडी, शिमला मिर्च और लौकी जैसी सब्जियां शुगर को नियंत्रित रखती हैं।
- फल (Fruits): सेब, नाशपाती, स्ट्रॉबेरी और अमरूद जैसे फल सीमित मात्रा में लें।
- डेयरी प्रोडक्ट्स (Dairy): लो-फैट दूध और बिना चीनी वाला दही (Plain Yogurt) बेहतर विकल्प हैं।
- नट्स और बीज (Nuts & Seeds): बादाम, अखरोट, अलसी के बीज (Flaxseeds) और चिया सीड्स अच्छे स्नैक विकल्प हैं।
आहार और जीवनशैली से जुड़े सुझाव
- दिनभर में छोटे-छोटे भोजन करें ताकि शुगर लेवल संतुलित रहे।
- सफेद ब्रेड, सफेद चावल और मैदे से बनी चीजों से बचें।
- हर भोजन में प्रोटीन और फाइबर जरूर शामिल करें।
- फलों का सेवन सीमित मात्रा में करें, जूस की बजाय पूरे फल खाएं।
- हल्की शारीरिक गतिविधि जैसे टहलना या योग करना फायदेमंद होता है।