अवैध अफीम की खेती
रायगढ़ में अवैध अफीम की खेती का दूसरा मामला सामने आया
छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में एक बार फिर अफीम की अवैध खेती का भंडाफोड़ हुआ है। लैलूंगा थाना क्षेत्र में चल रही अफीम की खेती के बारे में सूचना मिलने पर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की और मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी। यह रायगढ़ जिले में अफीम की खेती का दूसरा मामला है, जिससे स्थानीय प्रशासन में हड़कंप मच गया है।
पिछले मामले से जुड़ी जानकारी:
- इससे पहले तमनार ब्लॉक के आमाघाट क्षेत्र में भी अफीम की अवैध खेती पकड़ी गई थी।
- आरोपी, झारखंड का रहने वाला मार्शल सांगा, पिछले 10-12 साल से रायगढ़ जिले में खेती कर रहा था।
- मार्शल ने यहां स्थानीय किसान से खेत किराए पर लिया था, जहां वह तरबूज और ककड़ी जैसी सामान्य फसलें उगाने की बात करता था, लेकिन असल में वह अफीम की खेती कर रहा था।
मार्शल सांगा का इतिहास:
- मार्शल सांगा झारखंड से रायगढ़ के तमनार में अपने ससुराल में रहने आया था।
- उसने यहां आकर अफीम की खेती शुरू की, जबकि उसके साथी झारखंड में भी इसी अवैध गतिविधि में शामिल थे।
- यह खुलासा हुआ कि वह अफीम की खेती के लिए झारखंड में होने वाली खेती को देख कर रायगढ़ में भी यही करने लगा।
पुलिस की कार्रवाई और जांच:
- मामले की सूचना मिलते ही रायगढ़ पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी।
- पुलिस अधिकारी मामले की गहन जांच कर रहे हैं और आरोपी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की तैयारी कर रहे हैं।
क्या है अफीम की अवैध खेती का खतरा?
- अफीम की अवैध खेती से न केवल स्थानीय किसानों की जीवनशैली प्रभावित होती है, बल्कि यह राष्ट्रीय सुरक्षा और समाज पर भी गंभीर असर डालती है।
- अवैध नशे के कारोबार को बढ़ावा देने वाली इस तरह की खेती से सामाजिक असुरक्षा बढ़ती है और कई युवाओं को नशे की लत लग सकती है।