शासकीय भूमि पर अवैध कब्जा
पखांजूर में प्रशासन की बड़ी कार्रवाई, जंगल क्षेत्र से हटाया गया अवैध कब्जा
पखांजूर। छत्तीसगढ़ के पखांजूर क्षेत्र से एक बड़ी और सख्त प्रशासनिक कार्रवाई सामने आई है, जहां शासकीय भूमि पर अवैध कब्जा कर बनाए गए निर्माण को जेसीबी मशीन की मदद से ध्वस्त कर दिया गया। यह कार्रवाई चाणक्यपुरी इलाके में की गई, जहां कुछ लोगों द्वारा जंगल काटकर सरकारी एवं वन भूमि पर कब्जा कर लिया गया था।
यह मामला सामने आने के बाद स्थानीय प्रशासन ने इसे गंभीरता से लेते हुए राजस्व विभाग और वन विभाग की संयुक्त टीम के साथ मौके पर निरीक्षण किया। जांच में अतिक्रमण पूरी तरह अवैध पाए जाने के बाद तत्काल कार्रवाई का फैसला लिया गया।
6 महीने पहले विकसित किया गया था जंगल
जानकारी के अनुसार जिस भूमि पर अवैध कब्जा किया गया था, वहां लगभग छह महीने पहले वन विभाग द्वारा:
- बड़े पैमाने पर पौधारोपण
- जंगल विकास का कार्य
- पर्यावरण संरक्षण की पहल
की गई थी। इसके बावजूद खोकण तालुकदार और निर्मल तालुकदार द्वारा कथित रूप से जंगल काटकर वहां निर्माण कार्य शुरू कर दिया गया, जो पूरी तरह नियमों के खिलाफ था।
जेसीबी से हटाया गया अतिक्रमण
राजस्व विभाग ने वन विभाग की मौजूदगी में जेसीबी मशीन लगाकर अवैध निर्माण को ध्वस्त किया। कार्रवाई के दौरान:
- बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे
- प्रशासन के खिलाफ कोई विरोध नहीं हुआ
- ग्रामीणों ने कार्रवाई का खुलकर समर्थन किया
ग्रामीणों का कहना था कि यदि समय रहते ऐसे अतिक्रमण नहीं हटाए गए, तो भविष्य में जंगल और सरकारी भूमि सुरक्षित नहीं रह पाएगी।
प्रशासन का सख्त संदेश
इस पूरे मामले पर तहसीलदार ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि:
- शासकीय और वन भूमि पर किसी भी प्रकार का कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा
- अवैध अतिक्रमण करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी
- आगे भी लगातार अभियान चलाकर ऐसे मामलों पर नजर रखी जाएगी
उन्होंने यह भी कहा कि सरकारी भूमि आम जनता की संपत्ति है और इसका दुरुपयोग किसी भी हाल में स्वीकार्य नहीं है।
क्यों जरूरी है ऐसी कार्रवाई?
आज के समय में शासकीय भूमि पर अवैध कब्जा एक गंभीर समस्या बनता जा रहा है। इससे:
- पर्यावरण को भारी नुकसान
- सरकारी योजनाओं में बाधा
- आम जनता के अधिकारों का हनन
होता है। पखांजूर में हुई यह कार्रवाई प्रशासन की सक्रियता और जिम्मेदारी को दर्शाती है।