यूपी में डिजिटल अरेस्ट का मामला तेजी से बढ़ रहा है। नया मामला कानपुर से सामने आया है। जहां पुलिस ऑफिस में तैनात एसीपी के डॉक्टर बेटे को साइबर ठगों ने अश्लील वीडियो वायरल करने की धमकी देकर डिजिटल अरेस्ट कर हजारों रुपये हड़प लिए। इसके बाद भी साइबर ठगों ने और रुपये मांगे तो पीड़ित ने अपने एसीपी पिता को सूचना दी। एसीपी की तहरीर पर कोतवाली थाने में मुकदमा दर्ज हुआ है।
सिविल लाइंस स्थित पुलिस ऑफिस कार्यालय में तैनात नायाब अली जैदी ने बताया कि बीते दस अक्तूबर को उनके डॉक्टर बेटे अदनान जैदी के व्हाट्सएप नंबर पर बेटे की तस्वीरों और फोटो से छेड़छाड़ कर कुछ अश्लील फोटो साइबर ठगों ने भेजे। ठग ने कॉल कर धमकाया कि ये तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल करने जा रहा हूं। साइबर ठग सात घंटे तक डिजिटल अरेस्ट किए रहे। फिर आगम सिंह नाम का एक बारकोड भेज 11 बार में 16,249 रुपये ट्रांसफर कराए। अदनान दस अक्तूबर की दोपहर करीब एक बजे से आठ बजे तक कई बार में रुपये भेजते रहे। इसके बाद साइबर ठग ने ऑडियो मैसेज भेजकर अगले दिन 12 बजे तक 1800 रुपये और भेजने को कहा। कोतवाली इंस्पेक्टर संतोष शुक्ला ने बताया कि आईटी एक्ट में मुकदमा दर्ज कर साइबर सेल को जांच सौंपी गई है।
उधर, राजधानी लखनऊ में नरेश गोयल मनी लांड्रिंग केस में शामिल होने का आरोप लगाकर मरीन इंजीनियर को 48 घंटे तक डिजिटल अरेस्ट किया गया। गिरफ्तार से बचाने के एवज में इंजीनियर के बैंक अकाउंट की जांच किए जाने का दावा किया गया। जिसके बाद 11 अकाउंट से करीब 84 लाख रुपये साइबर जालसाजों ने अपने खाते में ट्रांसफर करा लिया। यहां तक कि 2 दिन तक इंजीनियर के डिजिटल अरेस्ट की जानकारी उनके परिवार को भी नहीं थी।