सत्ता के दबाव में पुलिस ने की कार्यवाही
रायपुर, मांढर धरसीवां जनपद पंचायत की ग्राम पंचायत टेकारी में बीते दिनों मड़ाई मेला के बाद आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम के दौरान सरपंच चंद्रकांत वर्मा व उनके साधियों पर जानलेवा हमला करने के मामले में पुलिस ने जिन दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है,

उनके परिजन व पक्ष के लोगों ने विधानसभा थाने का घेराव किया। और प्रशासन के ऊपर गंभीर आरोप लगाए, परिजनों का आरोप है कि सरपंच पर एफआईआर दर्ज कराने रात 11 बजे तक डटे थे। हम लोगों की सुनवाई नहीं हुई,
उन्होंने आरोप लगाया कि सरपंच व उसके साथियों ने थाने के बाहर गजेंद्र वर्मा एवं दिलेंद्र निषाद के साथ मारपीट की थी। इस घटना का सीसीटीवी फुटेज भी थाने में है,

लेकिन थाना द्वारा फुटेज देने से इनकार किया जा रहा है साथ ही साथ फुटेज को नजर अंदाज भी किया जा रहा है,इतना ही नहीं परिजनों ने पुलिस पर आरोप लगाया कि रात में नेटवर्क की समस्या बताकर एफआईआर दर्ज नहीं की गई। इसके चलते ही उन्हें मजबूरन थाने का घेराव करना पड़ा ताकि न्याय मिल सके।

दूसरे पक्ष के लोगों ने कहा है कि यदि उन्हें न्याय नहीं मिला तो सीएम हाउस का घेराव करेंगे. सत्ता के दबाव में गंभीर धारा 307 (हत्या का प्रयास) जैसे संगीन अपराध को जोड़ दिया गया, जबकि वास्तविक घटना की परिस्थिति ऐसी नहीं थी। साथ ही,जिन व्यक्तियों का इस विवाद और मारपीट से कोई लेना-देना नहीं था, उन्हें भी पुरानी रंजिश के चलते नामजद कर जेल भेज दिया गया है। यह अत्यंत महत्वपूर्ण है किः झड़प की शुरुआत सरपंच द्वारा बुलाए गए लोगों के द्वारा की गई थी। स्वयं सरपंच द्वारा भी मारपीट की गई। यह पूरी घटना थाना परिसर के सामने हुई,जिसका CCTV फुटेज उपलब्ध है। CCTV फुटेज में वास्तविक स्थिति स्पष्ट दिखाई देती है, फिर भी उस साक्ष्य को नजरअंदाज किया जा रहा है। सरपंच पद का दुरुपयोग कर प्रभाव एवं दबाव बनाया जा रहा है, जिससे एकतरफा कार्यवाही हो रही है।