भारत-कनाडा व्यापार
भारत-कनाडा ने 2030 तक 50 अरब डॉलर के द्विपक्षीय व्यापार का लक्ष्य तय किया
नई दिल्ली: भारत और कनाडा ने सोमवार को द्विपक्षीय संबंधों को नई ऊँचाइयों तक ले जाने का संकल्प लिया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो के बीच हुई वार्ता में 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को 50 अरब डॉलर तक बढ़ाने का लक्ष्य तय किया गया।
मुख्य बिंदु:
- आर्थिक सहयोग बढ़ाना: दोनों देशों ने आर्थिक क्षेत्र में सहयोग को और मजबूत करने पर सहमति जताई। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि कनाडा के पेंशन फंडों ने भारत में 100 अरब डॉलर का निवेश किया है, जो भारत की विकास यात्रा में उनके विश्वास को दर्शाता है।
- रक्षा सहयोग: दोनों देशों ने रक्षा संवाद की शुरुआत की और सुरक्षा सहयोग को बढ़ाने पर जोर दिया। इससे दोनों देशों के बीच सामरिक सहयोग को भी बढ़ावा मिलेगा।
- वैश्विक मुद्दों पर साझा दृष्टिकोण: वार्ता में पश्चिम एशिया की स्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त की गई और कूटनीति एवं बातचीत से समाधान पर जोर दिया गया।
- साझा मूल्य और विजन: प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत और कनाडा लोकतांत्रिक मूल्यों और विविधता को पूरी तरह मान्यता देते हैं। दोनों देशों का साझा विजन मानवता के भले के लिए काम करना है।
आर्थिक साझेदारी की योजना:
- व्यापक आर्थिक समझौते पर अंतिम रूप: दोनों देशों ने जल्द ही विस्तृत आर्थिक सहयोग समझौते को अंतिम रूप देने पर सहमति दी।
- निवेश आकर्षित करना: कनाडा के निवेश से भारत में नई परियोजनाओं और इंफ्रास्ट्रक्चर विकास को बढ़ावा मिलेगा।
- वित्तीय क्षेत्र सहयोग: बैंकिंग, पेंशन फंड और वित्तीय संस्थाओं में सहयोग को और मजबूत किया जाएगा।
रक्षा और सुरक्षा सहयोग:
- दोनों देशों ने आतंकवाद, उग्रवाद और कट्टरपंथ को मानवता के लिए साझा चुनौती माना।
- सामरिक और सुरक्षा सहयोग को बढ़ाने के लिए नियमित बैठकें और संवाद सुनिश्चित करने का निर्णय लिया गया।