भारतीय तटरक्षक बल की अंडमान और निकोबार कमांड के जवानों ने म्यांमार की मछली पकड़ने वाली एक नाव से 5500 किलोग्राम मेथमफेटामाइन ड्रग जब्त की है. यूटी के डीजीपी हरगोबिंदर सिंह धालीवाल का कहना है कि जब्त की गई नशे की खेप की मौजूदा कीमत अंतरराष्ट्रीय बाजार में करीब 36,000 करोड़ रुपये है.
दरअसल, अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसकी कीमत करीब 6 करोड़ रुपये प्रति किलोग्राम आंकी गई है. इसलिए मौजूदा जब्त की गई नशे की खेप करीब 36,000 करोड़ रुपये की होगी. इस बरामदगी के साथ ही कोस्ट गार्ड ने 6 म्यांमारियों को गिरफ्तार किया है और उन्हें अब अदालत में पेश किया जाएगा.
डीजीपी हरगोबिंदर सिंह धालीवाल ने कहा कि अंडमान पुलिस के पास गहरे समुद्र में गश्त करने की क्षमता नहीं है, लेकिन जहां भी उन्हें जरूरत पड़ी, भारतीय तटरक्षक बल की अंडमान निकोबार कमांड ने उनका सहयोग किया है, जिसके कारण वे बड़ी संख्या में शिकारियों को पकड़ने में सक्षम हुए हैं, जो मुख्य रूप से बर्मा से आए हैं.
हरगोबिंदर सिंह धालीवाल का कहना है पिछले 5 वर्षों में उन्होंने विभिन्न देशों के 640 नागरिकों को गिरफ्तार किया है. कुछ समय बाद वे इस मामले में अधिक विवरण देने में में सक्षम होंगे. क्योंकि उनके पास पूर्ण पुलिस हिरासत रिमांड है.
डीजीपी ने कहा कि नशे की यह विशेष खेप द्वीपों को टारगेट कर नहीं लाई गई थी; हालांकि, देखा जा रहा है कि युवाओं में नशीली दवाओं का खतरा बढ़ता जा रहा है.