16000 किलो सोने पर बैठे भारतीय मूल के अरबपति ने कहा- अभी और बढ़ेंगे Gold के भाव

भारतीय मूल के अरबपति और जोयालुक्कास ग्रुप के संस्थापक जॉय अलुक्का का मानना है कि आने वाले वर्षों में सोने की कीमतों में और तेजी देखने को मिलेगी। उनका कहना है कि दुनिया भर में बढ़ रहे भू-राजनीतिक और आर्थिक जोखिम इसकी सबसे बड़ी वजह हैं। ईरान पर अमेरिकी हमले और दुबई में ड्रोन हमलों जैसी घटनाओं ने इस ट्रेंड को और मजबूत किया है।

निवेशकों की पहली पसंद बना सोना

दुबई में ब्लूमबर्ग को दिए एक इंटरव्यू में अलुक्का ने कहा, “जब भी दुनिया में तनाव बढ़ता है, लोग सुरक्षित निवेश के तौर पर सोने की ओर भागते हैं, जिससे कीमतें बढ़ जाती हैं।” उन्होंने आगे कहा कि अगले 2-3 सालों में जब तक अमेरिकी अर्थव्यवस्था और वैश्विक हालातों में सुधार नहीं होता, कीमतों में कोई बड़ी गिरावट नहीं दिख रही है। हां, बीच-बीच में उतार-चढ़ाव आ सकता है, लेकिन कुल मिलाकर रुझान ऊपर की ओर ही रहेगा।

16,000 किलो सोने का जखीरा

69 वर्षीय जॉय अलुक्का के पास यूएई, भारत और अमेरिका में फैले लगभग 200 स्टोर हैं। इन स्टोर्स में करीब 16,000 किलो सोने का स्टॉक है, जिसमें जूलरी और बार शामिल हैं। सोने के दाम बढ़ने से उनके इस जखीरे की वैल्यू भी बढ़ जाती है, जो दशकों पुराना है। लेकिन इसके साथ ही एक चुनौती यह है कि अब स्टॉक को रिप्लेस करना पहले से कहीं ज्यादा महंगा हो गया है।

बदल रही है ग्राहकों की पसंद

सोने की बढ़ती कीमतों का असर ग्राहकों की खरीदारी पर भी पड़ा है। जहां पहले लोग भारी जूलरी खरीदते थे, वहीं अब हल्के और कम वजन वाले प्रोडक्ट्स की डिमांड बढ़ रही है। शादी, त्योहार और बर्थडे के लिए लोग जूलरी तो खरीद रहे हैं, लेकिन कीमतों को देखते हुए वे अब छोटे और हल्के डिजाइनों को तरजीह दे रहे हैं।

केरल में एक छोटी सी दुकान से हुई थी शुरुआत

जोयालुक्कास ग्रुप का सबसे बड़ा बाजार भारत है, उसके बाद यूएई और अमेरिका का नंबर आता है। कंपनी की शुरुआत 70 साल पहले केरल में एक छोटी सी दुकान से हुई थी और आज यह 12 देशों में फैली हुई है।

आगे की प्लानिंग

कंपनी अमेरिका में अपने स्टोर्स की संख्या बढ़ाने जा रही है और न्यूजीलैंड व कनाडा में भी नए स्टोर खोलने की योजना बना रही है। जॉय अलुक्का का बेटा जॉन पॉल अलुक्का इंटरनेशनल बिजनेस संभाल रहा है।

हेजिंग पर क्या है राय?

जॉय अलुक्का का मानना है कि लंबी अवधि में सोने की कीमतें एक ही दिशा (ऊपर) में जाएंगी और वे हेजिंग में विश्वास नहीं रखते। उनके मुताबिक, मिडिल ईस्ट की कोई एक घटना भले ही सोने को नई ऊंचाई न दे, लेकिन अमेरिकी ब्याज दरों, डॉलर और महंगाई जैसे वैश्विक कारक इसकी दिशा तय करेंगे।

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