इंजेक्शन वाला दूध, अंडे और चिकन: क्या ये सच में कैंसर का खतरा बढ़ाते हैं? जानिए कैंसर सर्जन की पूरी राय


इंजेक्शन वाला दूध और चिकन


📰 आर्टिकल (400+ शब्द)

आज के समय में खाने-पीने की चीजों को लेकर लोगों के मन में डर होना स्वाभाविक है। सोशल मीडिया पर रोज़ाना दूध, अंडे और चिकन को लेकर तरह-तरह के दावे वायरल होते रहते हैं। कहीं कहा जाता है कि इनमें हार्मोन इंजेक्शन दिए जाते हैं, तो कहीं इन्हें कैंसर से जोड़ दिया जाता है। ऐसे में आम लोगों के लिए यह समझना मुश्किल हो जाता है कि सच क्या है और भ्रम क्या।

इसी विषय पर कैंसर सर्जन डॉ. जयेश शर्मा ने स्पष्ट जानकारी साझा की है और कई फैले हुए मिथकों को दूर किया है।

🥛 क्या गायों को सच में इंजेक्शन दिए जाते हैं?

डॉ. जयेश शर्मा बताते हैं कि डेयरी इंडस्ट्री में कुछ मामलों में गायों को ऑक्सीटोसिन इंजेक्शन दिया जाता है, ताकि दूध का उत्पादन बढ़ सके। लेकिन इससे जुड़े डर अक्सर गलत जानकारी पर आधारित होते हैं।

  • ऑक्सीटोसिन एक ऐसा हार्मोन है जो खाने से शरीर में एब्जॉर्ब नहीं होता
  • दूध में इसकी मात्रा बेहद कम होती है
  • जो थोड़ी मात्रा होती भी है, वह इंसानी शरीर में असर नहीं करती

इसलिए सिर्फ दूध पीने से किसी तरह का हार्मोनल या कैंसर का खतरा नहीं बढ़ता।

🧬 ग्रोथ हार्मोन और IGF-1 को लेकर सच्चाई

कुछ लोग मानते हैं कि गायों को ग्रोथ हार्मोन देने से दूध खतरनाक हो जाता है। डॉक्टर के अनुसार:

  • गायों और इंसानों के ग्रोथ हार्मोन अलग-अलग होते हैं
  • इंसानी शरीर गाय के हार्मोन को पहचान कर इस्तेमाल नहीं करता
  • ग्रोथ हार्मोन से IGF-1 थोड़ा बढ़ सकता है, लेकिन
  • इसकी मात्रा इतनी कम होती है कि सेहत पर असर नहीं डालती

🍗 बड़े चिकन = इंजेक्शन? जरूरी नहीं

आजकल चिकन का साइज पहले से बड़ा दिखता है, जिस वजह से लोग मान लेते हैं कि उन्हें इंजेक्शन दिए गए हैं। डॉ. जयेश इसे एक गलत धारणा बताते हैं।

  • आज की पोल्ट्री में बेहतर ब्रीडिंग तकनीक का इस्तेमाल होता है
  • बड़े साइज का चिकन पैदा करना इंजेक्शन से ज्यादा आसान है
  • हर बड़े चिकन का मतलब हार्मोन इंजेक्शन नहीं होता

⚠️ असली समस्या क्या है?

डॉक्टर के अनुसार सबसे बड़ी चिंता हार्मोन नहीं, बल्कि एंटीबायोटिक का गलत इस्तेमाल है।

  • डेयरी और पोल्ट्री सेक्टर में
    • जरूरत से ज्यादा एंटीबायोटिक का इस्तेमाल
    • बिना कारण दवाइयां देना
  • इससे एंटीबायोटिक रेजिस्टेंस बढ़ रही है
  • यह एक सामाजिक समस्या है, न कि सिर्फ खाने वाले व्यक्ति की

हालांकि, सामान्य मात्रा में दूध, अंडा और चिकन खाने से किसी व्यक्ति को सीधा नुकसान नहीं होता।

✅ किन बातों का रखें ध्यान?

डॉ. जयेश शर्मा सलाह देते हैं:

  • हमेशा विश्वसनीय और साफ-सुथरे सोर्स से ही दूध और मीट खरीदें
  • मिलावट और खराब क्वालिटी से बचें
  • सोशल मीडिया की आधी-अधूरी जानकारी पर भरोसा न करें
  • बिना डर के अंडा, चिकन और दूध को संतुलित डाइट में शामिल करें

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