उमरकोट/रायघर (10/09/2025) — नवरंगपुर ज़िले के रायघर ब्लॉक के हाथीगाँव पंचायत अंतर्गत नुआँपाड़ा गाँव का मासूम विजय गोंड, विकलांगता की बेड़ियों में बंधा हुआ, सरकारी मदद और बेहतर इलाज का इंतज़ार कर रहा है।
गरीब परिवार का यह 14 वर्षीय बच्चा कभी सामान्य बच्चों की तरह खेलता–कूदता था, लेकिन मात्र दो साल की उम्र में अज्ञात बीमारी ने उसका बचपन ही छीन लिया। आज हालात ऐसे हैं कि विजय न तो चल सकता है, न बैठ सकता है, न ही स्कूल जा पाता है।
माता-पिता फुलसिंह गोंड और उपईं गोंड ने बेटे के इलाज के लिए अपनी सारी सामर्थ्य झोंक दी, लेकिन पैसों की कमी ने उनके सारे प्रयासों को अधूरा छोड़ दिया। अब यह परिवार मजबूरी में घर पर ही देसी दवाइयों और दुआओं के सहारे बेटे की देखभाल कर रहा है।
जहाँ विजय की उम्र के बच्चे खेलकूद में व्यस्त रहते हैं और शिक्षा की ओर बढ़ रहे हैं, वहीं विजय घर के कोने में लाचार पड़ा है। इस दर्दनाक स्थिति ने पूरे गाँव को चिंतित कर दिया है।
गाँववासियों का कहना है कि अगर प्रशासन और सरकार आगे बढ़कर इलाज और आर्थिक मदद उपलब्ध कराए, तो विजय का जीवन बदल सकता है। उनका कहना है —
“अगर विजय को नया जीवन मिला तो यह सिर्फ उसके परिवार के लिए नहीं, बल्कि पूरे गाँव के लिए खुशी की बात होगी।”
गाँववालों की अपील है कि सरकार जल्द से जल्द इस मासूम की मदद के लिए हाथ बढ़ाए।
(संवाददाता – रसिक सरकार, नवरंगपुर से | कांकेर एक्सप्रेस)