इजरायल के एयरबेस तक पहुंची ईरानी मिसाइलें… नुकसान कम पर पहुंचना ही खतरा, सैटेलाइट तस्वीरों से खुलासा

इजरायल के सबसे सुरक्षित स्थानों में से एक है नेगेव रेगिस्तान में मौजूद नेवातिम एयर बेस. लेकिन पिछले हमले में ईरान की बैलिस्टिक मिसाइलों ने इस एयरबेस पर नुकसान पहुंचाया है. नुकसान कम है लेकिन मिसाइलों का वहां तक पहुंच जाना अपने आप में खतरा है. सैटेलाइट तस्वीरों में यह खुलासा हो रहा है. इन तस्वीरों को प्लैनेट लैब्स की सैटेलाइट ने लिया है. जिसे समाचार एजेंसी एपी ने जारी किया है. 

ईरान ने जो बैलिस्टिक मिसाइलें दागी, उसमें इजरायल के मध्यपूर्वी इलाके में मौजूद नेवातिम एयरबेस भी प्रभावित हुआ. यहीं पर इजरायली एयरफोर्स का सबसे आधुनिक F-35 Lightning 2 स्टेल्थ फाइटर जेट तैनात हैं. ईरान का दावा है कि उसने 20 फाइटर जेट बर्बाद कर दिए.

वहीं, इजरायल इस दावे को नकार रहा है. हालांकि सैटेलाइट तस्वीरों से यह स्पष्ट नहीं है कि इजरायली स्टेल्थ फाइटर जेट को नुकसान पहुंचा है या नहीं. वो उस हैंगर में थे या नहीं जिसपर मिसाइल हमले से ज्यादा नुकसान हुआ है. लेकिन एयरबेस पर कई क्रेटर यानी गड्ढे बने दिख रहे हैं, जो मिसाइलों की टक्कर से बने हैं. 

इजरायली सेना ने कहा कि हमले हुए हैं. मिसाइलें गिरी हैं. लेकिन उनसे किसी फाइटर जेट, विमान, ड्रोन, हथियार या जरूरी ढांचे को नुकसान नहीं पहुंचा है. मिसाइल हमले में ऑफिस बिल्डिंग और मेंटेनेंस एरिया क्षतिग्रस्त हुआ है. इन मिसाइल हमलों में इजरायल के किसी सैनिक के मारे जाने की खबर नहीं है. 

इजरायली मिलिट्री ने यह माना कि उनके कुछ एयरबेस पर हमले हुए हैं. नुकसान भी हुआ है लेकिन वो ऐसा नहीं है कि जिससे हमारा काम रुके. हमारे जेट्स अब भी एयरबेस से उड़ान भर रहे हैं. सभी काम तरीके से किए जा रहे हैं. हम अपने दुश्मनों की हर हरकत मुंहतोड़ जवाब देंगे. 

ईरान के इन हमलों के बदले इजरायल ने गाजा में एयरस्ट्राइक किया. 32 लोग मारे गए. अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक अमेरिका ने इजरायल को बताया था कि ईरान घातक मिसाइल हमला करने वाला है. इसलिए इजरायल ने पहले ही तैयारी कर ली थी. ताकि सभी जरूरी मिलिट्री संपत्तियों को सुरक्षित रखा जा सके. 

ईरान इस समय इजरायल के खिलाफ Op. True Primise-2 चला रहा है. जिसके तहत ईरान ने अपनी मीडियम रेंज हाइपरसोनिक मिसाइल फतह-2 दागी थी. 180 मिसाइलों में ये मिसाइलें भी शामिल हैं.  ईरान ने एकसाथ नेवातिम, तेल नोफ, रामोन और हत्जेरिम एयरबेस पर हमला किया था. 

उसकी मिसाइलों ने इन एयरबेस को भी निशाना बनाया. इसके अलावा ईरान ने मोसाद के मुख्यालय को भी टारगेट किया था. मोसाद मुख्यालय इसलिए क्योंकि ईरान इसे ही लेबनान में हो रहे सभी हमलों के लिए जिम्मेदार मानता है. मोसाद की प्लानिंग की वजह से ही नसरल्लाह के साथ अन्य हिज्बुल्लाह कमांडर्स मारे गए.  

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