मुंगेली, छत्तीसगढ़ – छत्तीसगढ़ के मुंगेली जिले में धान खरीदी में गंभीर लापरवाही के मामले में राज्य शासन ने बड़ी कार्रवाई की है। खाद्य अधिकारी हुलेश डड़सेना को छत्तीसगढ़ सिविल सेवा नियमों का उल्लंघन करने के आरोप में निलंबित कर दिया गया। आदेश खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग ने जारी किया है।
सरकार ने साफ किया है कि धान खरीदी में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी, और अन्य जिलों में भी जांच और कार्रवाई तेज हो सकती है।
धान खरीदी केंद्रों में अनियमितताएं
- खाद्य अधिकारी ने धान खरीदी केंद्रों की व्यवस्था पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया।
- मिलरों द्वारा उठाए जा रहे धान की प्रभावी निगरानी नहीं की गई।
- खरीदी केंद्रों का नियमित निरीक्षण नहीं होने से अव्यवस्थाएं बढ़ी।
- धान उठाव की समय-समय पर जांच नहीं होने के कारण गड़बड़ियों को रोका नहीं जा सका।
इस लापरवाही को छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम 1965, नियम-3 का उल्लंघन माना गया। इसी आधार पर छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम 1966, नियम-9 उप-नियम (1) खंड (क) के तहत निलंबन कार्रवाई की गई।
निलंबन और जिम्मेदारियां
- निलंबन अवधि के दौरान हुलेश डड़सेना को नवा रायपुर स्थित संचालनालय खाद्य विभाग मुख्यालय में अटैच किया गया।
- इस दौरान उन्हें जीवन निर्वाह भत्ता जारी रहेगा।
- विभाग ने बताया कि आगे की कार्रवाई की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।
सरकार का स्पष्ट संदेश
- राज्य शासन ने संकेत दिया है कि धान खरीदी में लापरवाही किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं होगी।
- जिलों के खाद्य अधिकारी और कर्मचारियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।
- इस कार्रवाई के बाद खाद्य विभाग में हड़कंप मचा हुआ है और सभी अधिकारी अब कड़ी निगरानी में काम कर रहे हैं।
आगे की संभावनाएं
- आगामी दिनों में अन्य जिलों में धान खरीदी की जांच और कार्रवाई और तेज हो सकती है।
- इसका मकसद है कि धान खरीदी व्यवस्था पूरी तरह पारदर्शी, प्रभावी और किसानों के हित में बनी रहे।
छत्तीसगढ़ सरकार की यह कार्रवाई यह संदेश देती है कि धान खरीदी में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और नियमों का पालन सुनिश्चित किया जाएगा।