अमेरिका ने भारतीय राजनयिकों को देश से निकाले जाने की अटकलों का खंडन किया है। दावे ऐसे समय में किए जा रहे थे जब भारत और कनाडा के रिश्ते तनावपूर्ण हैं और दोनों ही देशों ने 6-6 राजनयिकों के खिलाफ कार्रवाई की है। इसके अलावा अमेरिका ने LAC यानी वास्तविक नियंत्रण रेखा पर भारत-चीन के बीच हुए समाधान का भी स्वागत किया है।
विदेश विभाग के प्रवक्ता मैथ्यू मिलर ने प्रेस ब्रीफिंग के दौरान कहा कि उन्हें ऐसी किसी रिपोर्ट की जानकारी नहीं है, जिसमें भारतीय राजनयिकों को निष्कासित किए जाने की बात कही गई है। उन्होंने कहा, ‘मुझे इस रिपोर्ट के बारे में जानकारी नहीं है कि हमने भारतीय राजनयिकों को निष्कासित किया है…। मुझे ऐसे निष्कासन के बारे में जानकारी नहीं है।’
भारत सरकार ने अमेरिकी सरजमीं पर किसी अमेरिकी नागरिक की हत्या की ऐसी साजिश में शामिल होने से इनकार किया है। अमेरिका के आरोपों के बाद नई दिल्ली ने मामले की जांच के लिए एक जांच समिति गठित की थी। विदेश विभाग के उप प्रवक्ता वेदांत पटेल ने एक संवाददाता सम्मेलन में पत्रकारों से कहा, ‘हम जांच के परिणामों के आधार पर जवाबदेही की उम्मीद करते हैं और निश्चित रूप से अमेरिका तब तक पूरी तरह से संतुष्ट नहीं होगा जब तक कि उस जांच के परिणामस्वरूप सार्थक जवाबदेही तय न हो जाए।’
पटेल भारतीय जांच समिति की, बातचीत के लिए पिछले सप्ताह हुई अमेरिका यात्रा पर पूछे गए एक सवाल का जवाब दे रहे थे।
उन्होंने कहा, ‘पिछले सप्ताह भारत की जांच समिति के साथ अहम बातचीत हुई और दोनों सरकारों के बीच अपनी-अपनी जांच को आगे बढ़ाने के लिए सूचनाओं का आदान-प्रदान किया गया। हम समझते हैं कि भारतीय जांच समिति अपनी जांच जारी रखेगी और हमें उम्मीद है कि पिछले सप्ताह की बातचीत के आधार पर आगे कदम उठाए जाएंगे।’
पटेल ने कहा, ‘इसके अलावा, मैं यह देखते हुए इस पर और विस्तार से बात नहीं करना चाहता कि यह एक ऐसा मुद्दा है जो सक्रिय है और दोनों देश इसकी जांच कर रहे हैं।’
पिछले सप्ताह, अमेरिकी प्राधिकारियों ने भारत सरकार के एक पूर्व अधिकारी विकास यादव पर पन्नू की हत्या की नाकाम सााजिश में कथित तौर पर शामिल होने का आरोप लगाया था।