लेबनान में मौजूद संयुक्त राष्ट्र के शांति सैनिकों यानी UNIFIL पर लगातार हमले हो रहे हैं. वहीं सोशल मीडिया पर एक कैंपेन चल रहा है जिसमें कहा जा रहा है कि यूनाइटेड नेशंस इंटरिम फोर्स इन लेबनान (UNIFIL) हिज्बुल्लाह आतंकियों का सपोर्ट कर रही है. इस सेना में भारतीय सेना के 900 जवान भी शामिल हैं.
इस ऑनलाइन कैंपेन में कई गलत जानकारियां, बेवजह के दावे और आरोप लगाए जा रहे हैं. इस कैंपेन को दो इजरायली X हैंडल चला रहे हैं. इसमें UNIFIL आरोप लगा रहा है कि इजरायली सेना प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के आदेश पर उनके परिसर में गोलीबारी कर रही है. जबकि नेतन्याहू ने कुछ समय पहले ही UNIFIL को दक्षिणी लेबनान से हटने के लिए कहा था. क्योंकि इजरायली सेना वहां पर अपना ऑपरेशन करने जा रही थी.
हाल ही में संयुक्त राष्ट्र के एक बख्तरबंद वाहन की फोटो सामने आई. जिसमें हिज्बुल्लाह का झंडा लगा था. यह तत्काल X हैंडल पर तेजी से वायरल होने लगा. कई ये कहने लगे कि संयुक्त राष्ट्र की शांति सेना हिज्बुल्लाह आतंकियों का साथ दे रही है. हिजुब्ल्लाह इस सेना के झंडे के नीचे काम कर रहा है.
दूसरी तरफ एक अप्रैल 2024 को कान 11 चैनल के पत्रकार रोई कैस ने एक पोस्ट किया था. वो एकदम अलग कहानी बताती है. जिसमें दक्षिणी लेबनान के बारिशित गांव में UNIFIL की गाड़ी पर लोगों ने हमला किया था. उसके टायर पंक्चर कर दिए थे. तब लेबनानी सेना को आकर इस गाड़ी और उसमें बैठे संयुक्त राष्ट्र शांति सैनिकों को बचाना पड़ा था. ऐसा ही एक नजारा अलमा रिसर्च एंड एजुकेशन सेंटर ने भी अपने X हैंडल से दिखाया.
इसके बाद इजरायल के समर्थन वाले ट्विटर हैंडल्स ने UNIFIL Has Failed को ट्रेंड कराना शुरू किया. डिमांड थी कि संयुक्त राष्ट्र की शांति सेना लेबनान से बाहर निकल जाए. इजरायली फोर्सेस को अपना काम करने दे. कई ट्विटर हैंडल्स यानी X अकाउंट्स पर Hezbollah flag UNIFIL और UNIFIL has failed एकसाथ ट्रेंड हो रहा था. सोशल मीडिया लिसनिंग टूल टॉकवॉकर के मुताबिक यह भारी मात्रा में एकसाथ पुश किया गया मैसेज है.
साल 2006 के यूएन सिक्योरिटी रेजोल्यूशन 1701 के मुताबिक UNIFIL को इजरायल लेबनान के बीच की सीमा यानी ब्लू लाइन पर शांति बरकरार रखनी है. इस सेना में कई देशों के सैनिक मौजूद हैं. लेकिन पिछले 9 से 13 अक्टूबर के बीच इस सेना पर कम से कम 8 बार हमले हो चुके हैं.
संयुक्त राष्ट्र के परिसर पर हुए तीन हमलों में पांच शांति सैनिक जख्मी हुए हैं. 10 अक्तूबर को हुआ ये हमला इजरायली फोर्सेस की तरफ से था. इसमें दो शांति सैनिक घायल हो गए.
इजरायली मेरकावा टैंक्स ने संयुक्त राष्ट्र की रामयाह पोजिशन को नष्ट कर दिया. ये घटना 13 अक्तूबर की है. UNIFIL के स्टेशन के आसपास 100 मीटर की दूरी पर जहरीली गैस छोड़ने से 15 शांति सैनिक बीमार पड़ गए हैं. इस पर इजरायल ने कहा कि उन्होंने UNIFIL की पोस्ट से 300 मीटर की दूरी पर हिज्बुल्लाह के ठिकाने देखे हैं. उन्होंने इसका वीडियो भी रिलीज किया है.
इस समय UNIFIL में करीब 900 हथियारबंद भारतीय सैनिक तैनात है. इनकी तैनाती इजरायल के कब्जे वाले गोलन हाइट्स और दक्षिण-पश्चिम लेबनान में है.