आमदनी और जरूरत का कोई अंत नहीं होता है। एक निवेशक के बयान से यह बात सच साबित लगने लगी है। सौरव दत्ता ने एक्स पर एक पोस्ट किया, जिसमें उसने कहा कि 25 लाख रुपये की सालाना कमाई से परिवार चलाना मुश्किल हो गया है। उनके इस पोस्ट पर कई प्रतिक्रियाएं देखने को मिली हैं। उन्होंने अपने अपने खर्चों का भी ब्यौरा दिया है।
सौरव दत्ता के मुताबिक, 25,000 रुपये बाहर खाने, मनोरंजन और यात्रा के लिए खर्च होते हैं। 25,000 रुपये आपातकालीन और चिकित्सा आवश्यकताओं के लिए आवंटित किए गए। उनका तर्क है कि इससे भविष्य के लिए निवेश करने के लिए बहुत कम बचता है। उनके पोस्ट पर अलग-अलग तरह की प्रतिक्रियाएं आईं।
कुछ यूजर ने उनके दावों को खारिज करते हुए कहा कि उचित बजट और बिना किसी कर्ज के 25 लाख रुपये का वेतन एक आरामदायक जीवनशैली के लिए प्रयाप्त है। अन्य लोगों ने उनकी खर्च करने की आदतों पर सवाल उठाए।
कुछ लोगों ने तर्क दिया है कि सौरव दत्ता की खर्च करने की आदत उनकी वित्तीय प्रबंधन क्षमता पर सवाल उठाता है। एक सामान्य परिवार के लिए 25 लाख रुपये का वेतन आम तौर पर पर्याप्त माना जाता है। सावधानीपूर्वक योजना बनाने के साथ यह आय न केवल तत्काल जरूरतों को पूरा कर सकती है बल्कि भविष्य के निवेश को भी सुविधाजनक बना सकती है।
आयकर विभाग के आंकड़ों से पता चलता है कि लगभग 1.4 करोड़ करदाता 10 लाख से 20 लाख रुपये के बीच वार्षिक आय की रिपोर्ट करते हैं। यह कुल आबादी का बहुत छोटा हिस्सा है।