बड़े गठजोड़ का पर्दाफाश जरूरी… CBI को मिली आरजी कर हॉस्पिटल के पूर्व प्रिंसिपल की 8 दिन की हिरासत

कोलकाता की एक कोर्ट ने मंगलवार को आरजी कर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल के पूर्व प्रिंसिपल संदीप घोष और उसके तीन साथियों को मेडिकल कॉलेज में कथित वित्तीय अनियमितताओं के सिलसिले में आठ दिनों के लिए सीबीआई की हिरासत में भेज दिया गया है। सीबीआई ने कोर्ट से संदीप घोष की 10 दिन की हिरासत मांगी थी। सीबीआई ने तर्क दिया गया था कि भ्रष्टाचार के मामले में एक बड़ा गठजोड़ शामिल है जिसकी जांच की जरूरत है। सीबीआई ने अलीपुर जज कोर्ट को बताया, “हमने अभी चार लोगों को गिरफ्तार किया है। एक बड़ा गठजोड़ है जिसका पर्दाफाश करने की जरूरत है और इसलिए हम उनसे पूछताछ की मांग कर रहे हैं। हमें पूरे गठजोड़ का पता लगाने के लिए उन्हें हिरासत में लेना जरूरी है।”

सोमवार को सीबीआई ने घोष, उनके सुरक्षा गार्ड और दो वेंडर्स को गिरफ्तार किया था। आर जी कर मेडिकल कॉलेज और हॉस्पिटल में पिछले महीने 31 वर्षीय प्रशिक्षु डॉक्टर के साथ बलात्कार और निर्मम हत्या कर दी गई थी। सीबीआई ने घोष पर एफआईआर दर्ज कर लिया है और आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी और बेईमानी और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत धाराएं दर्ज की गई है।

इससे पहले आरजी कर मेडिकल कॉलेज के पूर्व सुपरिटेंडेंट डॉ अख्तर अली की याचिका के बाद वित्तीय अनियमितता की जांच ने गति पकड़ी थी। कलकत्ता हाईकोर्ट ने 23 अगस्त को अली की याचिका पर राज्य द्वारा गठित एसआईटी से जांच को सीबीआई को ट्रांसफर करने का आदेश दिया था। अली ने कथित वित्तीय कदाचार के कई मामलों में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा जांच की मांग की थी। हाईकोर्ट के समक्ष अपनी याचिका में अली ने घोष पर अवैध रूप से लावारिस शवों की बिक्री, बायोमेडिकल कचरे की तस्करी और दवा और चिकित्सा उपकरण की आपूर्ति में धांधली का आरोप लगाया था। सीबीआई ने पहले ही घोष के घर की तलाशी अभियान ली थी और इन आरोपों और जूनियर डॉक्टर की हत्या के सिलसिले में पॉलीग्राफ टेस्ट भी किए हैं।

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