जीरो टैरिफ के दावे पर जयशंकर का ट्रंप को जवाब-कहा नुकसान नहीं सहेंगे

नई दिल्ली। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के इस दावे पर कि भारत ने उन्हें शून्य टैरिफ का ऑफर दिया है, विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने बृहस्पतिवार को कहा, भारत-अमेरिका में व्यापार वार्ता अभी चल ही रही है। कोई भी डील दोनों देशों के लिए फायदेमंद होनी चाहिए। ऐसा नहीं हो सकता कि व्यापार से एक देश को फायदा हो और दूसरे को नुकसान।

जयशंकर ने कहा, जब तक भारत-अमेरिका द्विपक्षीय व्यापार वार्ता नतीजे पर नहीं पहुंच जाती, तब तक इस बारे में कुछ भी कहना या राय देना जल्दबाजी होगी। अभी कोई अंतिम समझौता नहीं हुआ है। जयशंकर ने कहा, इस डील पर अभी से कोई राय बनाना ठीक नहीं है। भारत-अमेरिका के बीच व्यापार वार्ता कर रही टीम इस पर काम कर रही है। ये चर्चा थोड़ी मुश्किल है। जब तक सब कुछ तय नहीं हो जाता, तब तक साफ तौर पर किसी नतीजे पर नहीं पहुंचा जा सकता है। बता दें कि ट्रंप ने कतर में कहा था कि भारत की तरफ से उन्हें व्यापार पर शून्य टैरिफ की पेशकश की गई है।

यह पहली बार नहीं है जब ट्रंप ने भारत-अमेरिका व्यापार संबंधों पर यह बात की। 30 अप्रैल को मिशिगन में ट्रंप ने कहा था, भारत के साथ टैरिफ पर बातचीत बहुत अच्छी चल रही है। मुझे लगता है कि जल्द ही कोई डील हो जाएगी। भारत और अमेरिका के बीच कई महीनों से बातचीत चल रही है। दोनों देश एक ऐसे व्यापार समझौते पर सहमत होने की कोशिश कर रहे हैं जिससे दोनों के बाजार में पहुंच आसान हो और टैरिफ को लेकर जो विवाद हैं, वो भी सुलझ जाएं।

पीयूष गोयल आज जाएंगे अमेरिका

ट्रंप के दावे के बीच, भारत के वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल 16 मई को अमेरिका जा रहे हैं, ताकि आधिकारिक स्तर पर कुछ समय से चल रही अग्रिम व्यापार वार्ता शुरू की जा सके। यह यात्रा अप्रैल में अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस की नई दिल्ली यात्रा के बाद हो रही है, जिसमें अमेरिका के साथ द्विपक्षीय व्यापार समझौता करने का प्रयास किया गया था।

दावा : भारत ने दिया है टैरिफ कम करने का प्रस्ताव

9 मई को रॉयटर्स ने खबर दी थी कि भारत ने अमेरिका के साथ टैरिफ में अंतर को लगभग 13% से घटाकर 4% करने का प्रस्ताव दिया है। अगर ऐसा होता है, तो यह भारत का किसी बड़े व्यापारिक साझेदार के साथ सबसे बड़ा टैरिफ समझौता होगा। बातचीत में शामिल अधिकारियों के अनुसार, भारत ने डील के पहले चरण में 60% अमेरिकी सामानों पर टैरिफ हटाने का प्रस्ताव दिया है। इसके अलावा, मोदी सरकार ने लगभग 90% अमेरिकी इंपोर्ट को तरजीही एक्सेस देने का भी प्रस्ताव रखा है। बदले में, भारत चाहता है कि अमेरिका टैरिफ में बढ़ोतरी न करे। लेकिन अमेरिका ने अभी तक इस पर पूरी तरह से सहमति नहीं दी है, जबकि उसने अपने सहयोगी देशों जैसे यूके के साथ ऐसा समझौता किया है।

कॉन्स के फिल्म बाजार में सतर्कता

इस वर्ष कान्स में फिल्म खरीदार और विक्रेता अनिश्चितता में हैं, क्योंकि ट्रंप ने विदेश निर्मित फिल्मों पर 100% टैरिफ का झटका दिया है। अब सतर्क कारोबारी दृष्टिकोण के चलते बाजार फूंक-फूंककर कदम रख रहा है।

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