नरहरपुर। जनपद पंचायत नरहरपुर अंतर्गत ग्राम पंचायत जामगांव में एक ऐसा शौचालय देखने को मिला है, जो बाहर से शानदार है, लेकिन उसके भीतर कुछ भी नहीं। बाहर से इस शौचालय को देखने पर लगता है कि यह पूरी तरह पूर्ण हो चुका है, लेकिन इसके अंदर जाकर स्थिति देखने पर पता चला कि अंदर की हालत खंडहर जैसे हालत हैं।
जामगांव का सामुदायिक – शौचालय के लिए स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत 2021-22 में साढ़े 3 लाख रुपए खर्च करके मनरेगा मध्य स्वच्छ भारत मिशन एवं 15 वित्त से राशि स्वीकृत हुआ था। पंचायत की लापरवाही के चलते सामुदायिक शौचालय को बाहार से
तो पूर्ण और शानदार देखने के लिए बना दिया, परंतु अंदर केवल एक खंडहर है। सामुदायिक शौचालय में पानी की व्यवस्था नहीं हैं, शौचालय में सीट नहीं लगाया गया है। शौचालय में पंचायत द्वारा भारी अनियमिताएं बरती गई है। इस शौचालय को देखकर यह लगेगा कि केंद्र और राज्य सरकार गाँव के विकास के नाम पर राशि तो दे रही
है, लेकिन उस राशि का उपयोग सही तरीके से हुआ या नहीं इसको देखने वाला कोई नहीं है। जिला पंचायत और जनपद पंचायत के स्वच्छ भारत मिशन के अधिकारी व कर्मचारी भी क्षेत्र भ्रमण करते है, परंतु काम की निगरारी सही ढंग से नहीं करते है, जिसके चलते यह हालत सामुदायिक शौवालयों की बनी हुई है।

जामगांव के बजरंग दल वाले लोग कार्रवाई कर रहे हैं निवासी नरेंद्र नाग,बबल राठौर, राकेश राठौर, मनीष बघेल,, विजय साहू, गौवर शोरी, उमेश पमार, धर्मेंद्र सुरोजिया के अलावा गांव के युवा और ग्रामीणों का कहना है कि जनपद व जिला पंचायत स्तर के अधिकारी ध्यान नहीं दे रहे हैं इसलिए बजरंग दल वाले लोग आवाज उठा रहे हैं