नवगुरूकुल
📰 आर्टिकल (400+ शब्द):
छत्तीसगढ़ में युवाओं को कौशल विकास और रोजगार से जोड़ने की दिशा में राज्य सरकार लगातार ठोस प्रयास कर रही है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में चलाई जा रही योजनाओं का सकारात्मक असर अब ज़मीनी स्तर पर साफ दिखाई देने लगा है। जशपुर जिले में संचालित नवगुरूकुल ऐसा ही एक सशक्त मंच बनकर उभरा है, जो ग्रामीण और आदिवासी अंचल के युवाओं के सपनों को साकार कर रहा है।
आज नवगुरूकुल से प्रशिक्षण प्राप्त कर जिले की बेटियां न केवल रोजगार हासिल कर रही हैं, बल्कि आत्मनिर्भरता, आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता की मिसाल भी बन रही हैं। जशपुर की नेहारिका लकड़ा और नीलम यादव इसकी प्रेरणादायी उदाहरण हैं।
💻 नेहारिका लकड़ा: गांव से निकलकर बनीं कंप्यूटर शिक्षक
जशपुर जिले की नेहारिका लकड़ा ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा गांव में ही पूरी की। किसान पिता और रसोइया के रूप में कार्यरत माता के सीमित संसाधनों वाले परिवार से आने वाली नेहारिका के लिए आगे की पढ़ाई और रोजगार एक बड़ी चुनौती थी।
स्कूल शिक्षकों के माध्यम से उन्हें नवगुरूकुल जशपुर कैंपस की जानकारी मिली। यहां उन्होंने प्रोग्रामिंग कोर्स में प्रवेश लिया। प्रशिक्षण के दौरान नेहारिका ने केवल तकनीकी ज्ञान ही नहीं, बल्कि:
- लीडरशिप स्किल
- प्रोफेशनल व्यवहार
- अंग्रेज़ी संचार
- आत्मविश्वास और व्यक्तित्व विकास
जैसे महत्वपूर्ण जीवन कौशल भी सीखे।
प्रशिक्षण पूर्ण होने के बाद उन्हें Kingdom of Chess में कस्टमर रिलेशनशिप एग्जीक्यूटिव के रूप में पहला रोजगार मिला। वर्तमान में वे KPS (Kusmi Public School) में कंप्यूटर शिक्षक के रूप में कार्यरत हैं। नेहारिका का कहना है कि नवगुरूकुल ने उन्हें केवल नौकरी नहीं, बल्कि जीवन की सही दिशा दी।
📊 नीलम यादव: नवगुरूकुल से मिली हाई-प्रोफाइल नौकरी
जशपुर की ही नीलम यादव की कहानी भी नवगुरूकुल की सफलता को उजागर करती है। उन्होंने अपनी स्कूली शिक्षा शासकीय और निजी विद्यालयों से पूरी की। स्कूल में आयोजित सेमिनार और स्वामी आत्मानंद स्कूल में हुए कार्यक्रम के माध्यम से उन्हें नवगुरूकुल की जानकारी मिली।
नवगुरूकुल में प्रशिक्षण के दौरान नीलम ने:
- डेटा एनालिटिक्स
- बेसिक अकाउंटिंग
- अंग्रेज़ी कम्युनिकेशन
- लाइफ स्किल्स और सॉफ्ट स्किल्स
में दक्षता हासिल की। प्रशिक्षण के मात्र एक वर्ष के भीतर ही उन्हें उमाश्री टेक्सप्लास्ट प्राइवेट लिमिटेड, अहमदाबाद में मार्केटिंग एग्जीक्यूटिव के पद पर उच्च वेतन वाला रोजगार प्राप्त हुआ।
नीलम का कहना है कि नवगुरूकुल से मिली शिक्षा और आत्मविश्वास ने उनके जीवन को पूरी तरह बदल दिया।
🌱 युवाओं के भविष्य का केंद्र बनता नवगुरूकुल
नेहारिका और नीलम की सफलता यह साबित करती है कि नवगुरूकुल केवल प्रशिक्षण संस्थान नहीं, बल्कि ग्रामीण और आदिवासी युवाओं को सशक्त, सक्षम और आत्मनिर्भर नागरिक बनाने का एक सशक्त अभियान है।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन में राज्य सरकार की कौशल विकास और रोजगार आधारित पहलें युवाओं के सपनों को नई उड़ान दे रही हैं। नवगुरूकुल जैसे प्रयास जशपुर ही नहीं, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ में उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव रख रहे हैं।