“जियो के इंजीनियर का बड़ा खेल उजागर: मोबाइल टावर से बैटरी चोरी करने वाला अंतरराज्यीय गिरोह गिरफ्तार”

“मोबाइल टावर बैटरी चोरी”


मोबाइल टावर बैटरी चोरी का बड़ा खुलासा, पुलिस की बड़ी कार्रवाई

छत्तीसगढ़ के कोंडागांव जिले में मोबाइल टावरों से हो रही बैटरी चोरी के एक बड़े और चौंकाने वाले मामले का पुलिस ने खुलासा किया है। इस मामले की सबसे सनसनीखेज बात यह है कि चोरी के इस अंतरराज्यीय गिरोह का मास्टरमाइंड खुद जियो कंपनी में कार्यरत एक टावर इंजीनियर निकला। कोण्डागांव पुलिस की सतर्कता और तकनीकी जांच के बाद इस पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश किया गया है।

पुलिस ने इस मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनके कब्जे से लाखों रुपये की चोरी की सामग्री और घटना में प्रयुक्त वाहन भी जब्त किए गए हैं।


13 लाख से ज्यादा की चोरी का माल बरामद

पुलिस के अनुसार, आरोपियों के पास से:

  • 🔋 मोबाइल टावर की बैटरियां
  • 🚗 चोरी में प्रयुक्त वाहन
  • 💰 कुल बरामद संपत्ति की कीमत लगभग 13 लाख 22 हजार रुपये

जब्त की गई है। यह गिरोह लंबे समय से सुनसान इलाकों में स्थित मोबाइल टावरों को निशाना बना रहा था।


जियो का इंजीनियर निकला मास्टरमाइंड

जांच में सामने आया कि गिरोह का सरगना जियो कंपनी में कार्यरत टावर इंजीनियर है, जिसे टावरों की लोकेशन, सुरक्षा व्यवस्था और बैटरियों की तकनीकी जानकारी थी। इसी जानकारी का दुरुपयोग कर वह अपने साथियों के साथ मिलकर चोरी की वारदातों को अंजाम दे रहा था।

इंजीनियर होने के कारण उसे:

  • टावरों की स्थिति
  • सुरक्षा की कमजोरियां
  • बैटरी बदलने का सही समय

जैसी अहम जानकारियां पहले से उपलब्ध थीं, जिससे चोरी को अंजाम देना आसान हो गया।


अंतरराज्यीय नेटवर्क का खुलासा

गिरफ्तार आरोपियों में कुछ छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले के निवासी हैं, जबकि कुछ आरोपी उत्तर प्रदेश से ताल्लुक रखते हैं। इससे साफ होता है कि यह गिरोह अंतरराज्यीय स्तर पर सक्रिय था और चोरी की गई बैटरियों को अन्य राज्यों में खपाने की योजना बना रहा था।

पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि:

  • चोरी की गई बैटरियां कहां बेची जाती थीं
  • इस नेटवर्क में और कौन-कौन शामिल है
  • अन्य जिलों में ऐसी कितनी वारदातें हुई हैं

पुलिस की सतर्कता से टूटा नेटवर्क

कोण्डागांव पुलिस ने लगातार मिल रही शिकायतों के आधार पर तकनीकी निगरानी, मुखबिर तंत्र और सीसीटीवी फुटेज की मदद से आरोपियों को ट्रैक किया। सबूत मिलने के बाद दबिश देकर चारों आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।

सभी आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।


टेलीकॉम इंफ्रास्ट्रक्चर की सुरक्षा पर सवाल

इस घटना ने मोबाइल नेटवर्क से जुड़े बुनियादी ढांचे की सुरक्षा पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। टावरों से बैटरी चोरी होने से:

  • 📶 नेटवर्क बाधित होता है
  • ⚠️ आपात सेवाओं पर असर पड़ता है
  • 📉 कंपनियों को भारी आर्थिक नुकसान होता है

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