“कैश कांड में घिरे जस्टिस यशवंत वर्मा ने इलाहाबाद हाईकोर्ट जज पद से दिया इस्तीफा, 1 साल पहले घर से मिली थी जली हुई नोटों की भारी मात्रा”

जस्टिस यशवंत वर्मा इस्तीफा


कैश कांड में जस्टिस यशवंत वर्मा का इस्तीफा, इलाहाबाद हाईकोर्ट के जज पद से दिया त्याग पत्र

प्रयागराज: इलाहाबाद हाईकोर्ट के जज जस्टिस यशवंत वर्मा ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उनका इस्तीफा राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को सौंपा गया है। यह इस्तीफा उस कैश कांड के बाद आया है, जिसमें उनका नाम जुड़ा था। एक साल पहले उनके सरकारी बंगले से भारी मात्रा में जले हुए नोट बरामद हुए थे, जिसके बाद उनकी नियुक्ति और कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे थे।

कैश कांड और उसके बाद की घटनाएं
जस्टिस यशवंत वर्मा का नाम उस समय चर्चा में आया जब उनके सरकारी आवास में आग लगने के बाद पुलिस और दमकल कर्मियों को भारी मात्रा में जली हुई नोटों का ढेर मिला। यह घटना तब हुई जब जस्टिस वर्मा शहर में नहीं थे और उनके परिवार के सदस्य आग बुझाने के लिए पुलिस और फायर ब्रिगेड को बुलाने के लिए मजबूर हुए थे। आग बुझाने के बाद जब जांच की गई, तो जले हुए नोटों का पता चला, जिससे मामला और भी गंभीर हो गया।

सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम का फैसला और विरोध
इस घटनाक्रम के बाद, सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने जस्टिस यशवंत वर्मा को दिल्ली हाईकोर्ट से इलाहाबाद हाईकोर्ट ट्रांसफर करने का फैसला लिया था। हालांकि, इस ट्रांसफर के बावजूद, कुछ कॉलेजियम सदस्यों ने चिंता जताई थी और उनका मानना था कि केवल तबादला करना न्यायपालिका की छवि को नुकसान पहुंचा सकता है। साथ ही, कुछ सदस्यों ने यह भी सुझाव दिया था कि जस्टिस वर्मा से इस्तीफा लिया जाना चाहिए।

महाभियोग और विवाद
इलाहाबाद हाईकोर्ट बार एसोसिएशन ने जस्टिस यशवंत वर्मा की नियुक्ति का विरोध किया था और उनके खिलाफ महाभियोग की मांग की थी। इसके बावजूद, सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने उनका ट्रांसफर किया। यह मामला तब और गंभीर हो गया जब जस्टिस वर्मा के बंगले से जले हुए नोट बरामद हुए थे, जो अब तक अनसुलझा मामला बना हुआ था।

इस्तीफा और आगे की स्थिति
जस्टिस यशवंत वर्मा ने आखिरकार अपने इस्तीफे से इस विवाद पर समाप्ति की ओर कदम बढ़ाया है। उनका इस्तीफा न्यायपालिका में हो रही जांच प्रक्रिया को प्रभावित कर सकता है। वहीं, अब यह देखना होगा कि उनके इस्तीफे के बाद इस मामले में आगे क्या कदम उठाए जाते हैं और क्या उनके खिलाफ कोई कार्रवाई होती है।

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