अकाली नेता सिमरनजीत मान के ‘रेप का तजुर्बा’ वाले बयान पर कंगना रनौत का पलटवार,

पंजाब के पूर्व सांसद और शिरोमणि अकाली दल (अमृतसर) के नेता सिमरनजीत सिंह मान ने गुरुवार को एक्ट्रेस और बीजेपी सांसद कंगना रनौत के खिलाफ विवादित टिप्पणी की. इसको लेकर पूर्व सांसद की जमकर आलोचना भी हो रहा है. वहीं इस पर अब कंगना रनौत का बयान भी सामने आया है. उन्होंने अकाली दल नेता पर पलटवार करते हुए कहा कि ऐसा लगता है कि यह देश रेप को महत्वहीन बनाना कभी बंद नहीं करेगा. उन्होंने कहा कि आज मुझे रेप की धमकियां भी आ रही हैं कि कंगना को पता है कि रेप क्या होता है. इस तरह से मेरी आवाज को नहीं दबा पाएंगे.

दरअसल, कंगना द्वारा हाल ही में एक इंटरव्यू के दौरान किसान आंदोलन के दौरान रेप और हत्या होने का आरोप लगाया था. इसको लेकर अकाली दल के नेता सिमरनजीत सिंह मान से जब मीडिया ने सवाल पूछता तो उन्होंने कहा, “मैं कहना तो नहीं चाहता लेकिन रनौत साहब को तो रेप का बहुत तजुर्बा है. उनसे पूछा जा सकता है कि कैसे होता है रेप ताकि लोगों को समझाया जा सके कि रेप कैसे होता है. उन्हें इसका बहुत अनुभव है. जैसे साइकिल आप साइकिल चलाते हैं तो साइकिल चलाने का तजुर्बा होता है, तो उनको रेप का तजुर्बा है.” 

कंगना रनौत ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए अपने एक्स हैंडल पर अकाली नेता का अपत्तिजनक बयान देने वाला वीडियो पोस्ट करते हुए लिखा, “ऐसा लगता है कि यह देश रेप को महत्वहीन बनाना कभी बंद नहीं करेगा. आज इस वरिष्ठ नेता ने रेप की तुलना साइकिल चलाने से कर दी. इसमें कोई आश्चर्य नहीं कि मजे के लिए महिलाओं के खिलाफ रेप और हिंसा इस पितृसत्तात्मक राष्ट्र की मानसिकता में इतनी गहरी जड़ें जमा चुकी है कि इसका इस्तेमाल महिलाओं को चिढ़ाने या उनका मजाक उड़ाने के लिए किया जाता है. भले ही वह एक हाई प्रोफाइल फिल्म निर्माता या राजनेता ही क्यों न हो.”

संगरूर लोकसभा सीट पर पूर्व सांसद सिमरनजीत सिंह मान इंदिरा गांधी के ऑपरेशन ब्लू स्टार के विरोध में IPS की नौकरी छोड़ने के बाद सुर्खियों में आए थे. वह पंजाब के पूर्व सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह के साढू भाई हैं. कैप्टन अमरिंदर की पत्नी परनीत कौर और सिमरनजीत सिंह मान की पत्नी गीतइंदर कौर सगी बहने हैं. नौकरी छोड़ने के बाद सिमरनजीत सिंह मान ने राजनीति में कदम रखा. उन्होंने शिरोमणि अकाली दल अमृतसर पार्टी बनाई. सिमरनजीत सिंह मान तरनतारन से दो बार सांसद रह चुके हैं. वे 1989 में तरण तारन से सांसद थे. इसके बाद 1999 में संगरूर से लोकसभा सीट से चुनाव लड़ा था और जीत हासिल की थी. उन्होंने संगरूर लोकसभा के उपचुनाव में भी जीत दर्ज की थी. 

बता दें कि हिमाचल प्रदेश की मंडी लोकसभा सीट से सांसद ने कंगना ने हाल ही में एक इंटरव्यू में कहा था कि यदि भारत की नेतृत्व क्षमता मजबूत नहीं होती, तो किसानों के विरोध प्रदर्शन देश में बांग्लादेश जैसे संकट का रूप ले सकता था. कंगना रनौत ने यह भी आरोप लगाया था कि किसानों के विरोध प्रदर्शन के दौरान लाशें लटक रही थीं और रेप हो रहे थे, जो लगभग एक साल तक चले थे. उन्होंने चीन और अमेरिका के साजिश में शामिल होने का भी आरोप लगाया था.

कंगना रनौत के बयानों की विपक्ष द्वारा कड़ी आलोचना की गई, जबकि बीजेपी ने उनके बयानों से खुद को अलग कर लिया. बीजेपी के केंद्रीय मीडिया विभाग की ओर से ऑफिशियल बयान जारी किया गया. इसमें कहा गया, “भाजपा सांसद कंगना रनौत द्वारा किसान आंदोलन के परिप्रेक्ष्य में दिया गया बयान पार्टी मत नहीं है. भारतीय जनता पार्टी कंगना रनौत के बयान से असहमति व्यक्त करती है. पार्टी की ओर से, पार्टी के नीतिगत विषयों पर बोलने के लिए कंगना रनौत को न तो अनुमति है और न ही वे बयान देने के लिए अधिकृत हैं. बीजेपी की ओर से कंगना रनौत को निर्देशित किया गया है कि वे इस प्रकार के कोई बयान भविष्य में न दें.”

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