कंगना रनौत सारा अली खान
बॉलीवुड अभिनेत्री सारा अली खान के केदारनाथ मंदिर में दर्शन के लिए सनातन धर्म के प्रति आस्था का हलफनामा देने के प्रस्ताव को लेकर एक नई बहस छिड़ी हुई है। इस मुद्दे पर अब कंगना रनौत का भी बयान सामने आया है। कंगना ने इसे लेकर कहा है, “सब सनातनी हैं, तो इसे लिखने में क्या घबराना?” उनकी यह टिप्पणी खासकर सारा अली खान के मंदिर में दर्शन करने से जुड़ी हलफनामा प्रक्रिया के संदर्भ में थी, जो हाल ही में सामने आई थी।
क्या है हलफनामा देने का मुद्दा?
हाल ही में बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति ने एक महत्वपूर्ण बैठक में निर्णय लिया कि अब मंदिरों में दर्शन के लिए गैर-हिंदू व्यक्तियों को सनातन धर्म के प्रति आस्था का हलफनामा देना होगा। यह नियम विशेष रूप से सारा अली खान जैसे सार्वजनिक हस्तियों के लिए लागू हुआ है। 10 मार्च को हुई बैठक में यह प्रस्ताव पारित किया गया, जिससे अब यदि कोई व्यक्ति यह प्रमाणित करता है कि उसकी सनातन धर्म के प्रति आस्था है, तो उसे दर्शन की अनुमति मिलेगी।
कंगना रनौत का बयान:
कंगना रनौत ने इस निर्णय पर प्रतिक्रिया दी और कहा, “सब सनातनी हैं। यहां जो भी हैं, वे सभी सनातनी हैं। जब हम जन्म लेते हैं, तो हम सनातन के सिद्धांत के तहत आते हैं, जो न तो आदि है और न ही अंत।” कंगना का मानना है कि सनातन धर्म और सत्य के प्रति आस्था रखना किसी भी व्यक्ति के लिए मुश्किल नहीं होना चाहिए। उन्होंने इसे एक सामान्य बात बताते हुए कहा, “सत्य लिखने में क्या घबराहट है, लिख दीजिए।”
मंदिर समिति का बयान:
बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने कहा कि यदि कोई व्यक्ति यह हलफनामा देता है कि वह सनातन धर्म में विश्वास रखता है, तो उसे मंदिरों में दर्शन का अवसर मिलेगा। खासकर, सारा अली खान के बारे में उन्होंने कहा कि यदि वह इस हलफनामे को स्वीकार करती हैं, तो उन्हें दर्शन कराए जाएंगे। उन्होंने यह भी बताया कि मंदिर समिति ने इस प्रक्रिया के लिए एक प्रारूप तैयार किया है, जिसे राज्य सरकार को भेज दिया गया है।
सारा अली खान का मंदिर से संबंध:
सारा अली खान, जिन्होंने केदारनाथ फिल्म में अभिनय किया था, हमेशा से ही केदारनाथ मंदिर से जुड़े अपने अनुभवों को साझा करती रही हैं। वह मंदिर में समय-समय पर दर्शन करने जाती रही हैं, और हाल ही में उन्होंने महाशिवरात्रि के अवसर पर मंदिर के पास अपनी तस्वीरें साझा की थीं।
चारधाम यात्रा और पंजीकरण:
यह प्रस्ताव चारधाम यात्रा से भी संबंधित है, जो जल्द ही शुरू होने वाली है। 6 मार्च से ऑनलाइन पंजीकरण की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है, और अब तक 6 लाख से अधिक श्रद्धालु अपने पंजीकरण करवा चुके हैं। मंदिर समिति ने यह भी बताया कि यात्रा के लिए तैयारी पूरी हो चुकी है, और श्रद्धालुओं की संख्या में तेजी से वृद्धि हो रही है।