कन्हैया कुमार भाजपा बयान
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महात्मा गांधी की पुण्यतिथि पर कन्हैया कुमार का बड़ा बयान
रायपुर। महात्मा गांधी की पुण्यतिथि के अवसर पर छत्तीसगढ़ पहुंचे कांग्रेस नेता कन्हैया कुमार भाजपा बयान को लेकर सुर्खियों में हैं। सरगुजा में गैर-राजनीतिक संगठनों द्वारा आयोजित कार्यक्रम में शामिल होने आए कन्हैया कुमार ने मीडिया से चर्चा करते हुए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को सत्य और अहिंसा के मार्ग पर चलने की नसीहत दी।
उन्होंने कहा कि भारत का इतिहास किसी एक पार्टी का नहीं, बल्कि पूरे देश का साझा इतिहास है। यह इतिहास हिंसा और असत्य का नहीं, बल्कि सत्य, अहिंसा और बलिदान का इतिहास रहा है।
🕊️ “गांधी का बलिदान दिवस, संकल्प लेने का दिन”
कन्हैया कुमार ने कहा कि महात्मा गांधी की पुण्यतिथि केवल श्रद्धांजलि देने का दिन नहीं है, बल्कि सत्य और अहिंसा के रास्ते पर चलने का संकल्प लेने का अवसर है। उन्होंने कहा—
- गांधी जी का जीवन हमें शांति और सहिष्णुता का पाठ पढ़ाता है
- आज के दौर में गांधी के विचार पहले से कहीं ज्यादा ज़रूरी हैं
- छत्तीसगढ़ की पावन धरती पर आकर यह संदेश देना उनके लिए सम्मान की बात है
🔥 गोडसेवादी राजनीति पर तीखा हमला
कन्हैया कुमार ने मौजूदा राजनीति पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि आज देश में नफरत की राजनीति हावी होती जा रही है। उन्होंने महात्मा गांधी के विचारों को याद करते हुए कहा—
“गांधी कहते थे, वैष्णव वही है जो दूसरे की पीड़ा को समझे।
लेकिन आज हालात यह हैं कि लोग दूसरों के दुख में खुशी महसूस कर रहे हैं।”
उन्होंने आरोप लगाया कि आज की राजनीति में धर्म का इस्तेमाल नफरत फैलाने के लिए किया जा रहा है, जो गांधी के भारत के खिलाफ है।
🌿 नक्सलवाद और हिंसा पर कन्हैया कुमार का रुख
31 मार्च तक नक्सलवाद खत्म करने की डेडलाइन को लेकर पूछे गए सवाल पर कन्हैया कुमार ने साफ शब्दों में कहा कि हिंसा किसी भी रूप में सही नहीं है।
उन्होंने कहा:
- हिंसा चाहे कोई भी करे, उससे मनुष्यता को नुकसान होता है
- सरकार का दावा करना अलग बात है, लेकिन समाधान संवाद से निकलता है
- शांति और बातचीत ही स्थायी रास्ता है
पूर्व सीपीआई सदस्य रहे कन्हैया कुमार ने कहा कि समस्याओं का हल बंदूक से नहीं, बल्कि बातचीत और भरोसे से निकलता है।
👥 गांधी के विचार आज भी क्यों ज़रूरी?
कन्हैया कुमार ने कहा कि जब-जब देश में नफरत, हिंसा और विभाजन की राजनीति बढ़ती है, तब-तब महात्मा गांधी को याद करना चाहिए।
उनके अनुसार:
- सत्य लोकतंत्र की नींव है
- अहिंसा समाज को जोड़ती है
- नफरत देश को कमजोर करती है