रणवीर सिंह
Ranveer Singh को कर्नाटक उच्च न्यायालय से बड़ी राहत: 9 मार्च तक बढ़ी अंतरिम सुरक्षा
बॉलीवुड के सुपरस्टार रणवीर सिंह को कर्नाटक उच्च न्यायालय से बड़ी राहत मिली है। अभिनेता के खिलाफ कांतारा फिल्म के “दैव” पात्र की नकल करने और धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुँचाने के मामले में दी गई अंतरिम सुरक्षा को अब 9 मार्च तक के लिए बढ़ा दिया गया है।
क्या था पूरा विवाद?
रणवीर सिंह पर आरोप था कि उन्होंने कांतारा फिल्म में ऋषभ शेट्टी द्वारा निभाए गए चावुंडी दैव के पात्र की नकल की और उसे ‘भूत’ कहा, जिससे धार्मिक भावनाओं को आहत होने का दावा किया गया। कांतारा फिल्म में दैव एक पवित्र रक्षक देवता के रूप में प्रस्तुत किया गया है, जबकि ‘भूत’ शब्द का प्रयोग सामान्यतः अलौकिक शक्तियों के लिए होता है। अभिनेता के इस बयान से तुलु नाडु की संस्कृति और धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुँचने का आरोप लगा।
अदालत में क्या हुआ?
रणवीर सिंह ने इस मामले में कर्नाटक उच्च न्यायालय में याचिका दायर की थी, जिसमें उन्होंने प्राथमिकी को रद्द करने का अनुरोध किया। उनका कहना था कि उनके द्वारा दिया गया बयान किसी तरह से धार्मिक भावनाओं को चोट नहीं पहुँचाता। इसके अलावा, रणवीर सिंह इस समय लंदन में फंसे हुए हैं और अदालत में व्यक्तिगत रूप से पेश नहीं हो पा रहे हैं, क्योंकि वे पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष के कारण बेंगलुरु नहीं पहुँच पाए।
अदालत ने 24 फरवरी को रणवीर सिंह को अंतरिम राहत दी थी और अब इसे 9 मार्च तक के लिए बढ़ा दिया है। पुलिस को निर्देश दिया गया है कि वे अभिनेता के खिलाफ कोई कठोर कार्रवाई न करें।
‘दैव’ और ‘भूत’ के बीच अंतर
इस विवाद का मुख्य कारण ‘दैव’ और ‘भूत’ शब्दों के बीच का अंतर है। तुलु नाडु की संस्कृति में ‘दैव’ को पवित्र रक्षक देवता माना जाता है, जो लोगों की रक्षा करते हैं। वहीं, ‘भूत’ का प्रयोग अलौकिक शक्तियों के लिए किया जाता है। कांतारा फिल्म की सफलता के बाद इन शब्दों की धार्मिक संवेदनशीलता बढ़ गई है, और यही कारण है कि रणवीर सिंह के बयान पर इतना बड़ा कानूनी विवाद खड़ा हो गया।
आगे क्या होगा?
अब यह देखना होगा कि 9 मार्च तक की राहत के बाद, रणवीर सिंह के खिलाफ इस मामले की आगे की सुनवाई कैसे होती है और क्या अदालत उनके पक्ष में फैसला देती है। फिलहाल, अभिनेता को इस विवाद से राहत मिली है, लेकिन भविष्य में इस मुद्दे पर और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।