केजरीवाल ने तोड़ा ट्रेंड; मनीष सिसोदिया ने बताया क्यों CM पद से अबतक नहीं किया रिजाइन

दिल्ली के पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने बुधवार को समाचार एजेंसी पीटीआई संपादकों को दिए इंटरव्यू में कई मुद्दों पर बातचीत की। इस दौरान उनसे पूछा गया कि अरविंद केजरीवाल जो फिलहाल जेल में हैं उन्होंने अबतक मुख्यमंत्री के पद से इस्तीफा क्यों नहीं दिया है। जिसके जवाब में आम आदमी पार्टी (आप) के नेता ने कहा कि नए कानूनों को आधार बनाकर केंद्र सरकार ऑपरेशन लोटस चला रही है। इसके तहत किसी को भी पकड़ लेते हैं और सीएम को फंसाने के लिए दबाव डाला जाता है। यह एक ट्रेंड सा चल रहा है जिसे केजरीवाल जी ने तोड़ा है।

सिसोदिया ने कहा, ‘देश एक खतरनाक ट्रेंड की तरफ बढ़ रहा था। ये केंद्र में बैठी सरकार के लिए बहुत बड़ा हथियार है कि हमने कानून बनाए थए आतंकवादियोंऔर ड्रग्स माफिया की फंडिंग रोकने के लिए, इतने सख्त कानून बनाए थे कि अगर कोई इनको फंडिंग कर रहा था तो उसे जेल से निकलने नहीं देंगे। बहुत अच्छी बात है। अब उस कानून का उपयोग करके आपको बस इतना ही करना है कि किसी एक आदमी को पकड़ना है श्योर शॉट रेसिपी ऑफ ऑपरेशन लोटस। एक आदमी को पकड़ना है फिर उसे थोड़े दिन जेल में डालना है और उसे कहना है कि बोल सीएम ने यह किया था, नहीं तो बेल नहीं होने देंगे क्योंति तेरे ऊपर वो वाला कानून लगा हुआ है जो आंतकवादियों पर लगता है। तुझे पीएमएलए में जेल में डाला है, बाहर वहीं निकलने देंगे। अब तू बयान दे कि मुझसे मुख्यमंत्री ने रिश्वत मांगी थी।’

आप नेता ने आगे कहा, ‘छह बार पहले वो आदमी कह चुका है कि सीएम ने रिश्वत नहीं मांगी थी। छह महीने बाद कहता है कि जी मांगी थी, मुझे छोड़ दो। वो कहते हैं कि अब तू जा, अब मुख्यमंत्री को उठा लेते हैं। फिर सीएम को उठाएंगे। ये तो श्योर शॉट रेसिपी है। केंद्र में बैठी कोई भी पार्टी इस फॉर्मूले पर सीएम को उठाएगी की अच्छा यहां चुनाव नहीं जीते, पकड़ो किसी को, लगाओ पीएमएलए और बयान लो फिर सीएम को अंदर डालो। उसके बाद देखते हैं कि कैसे रिजाइन नहीं करते। सीएम रिजाइन करते जाएंगे। इस ट्रेंड को केजरीवाल जी ने तोड़ा है क्योंकि इस देश में संविधान है। राइट टू लाइफ और लिबर्टी है इस देश में, ये अच्छा ट्रेंड है आप जहां नहीं जीते वहां एजेंसी से किसी भी अरेस्ट कराओ राह चलते और उससे बयान लो फिर सीएम को अंदर डालो, रिजाइन लो। वो इस्तीफा देगा ही नैतिकता के आधार पर, सरकार हमारी फिर।’

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *