खजुराहो नृत्य महोत्सव 2026: नटराज की 108 मुद्राओं के साथ कथक से सजी भव्य शुरुआत

खजुराहो नृत्य महोत्सव


मध्य प्रदेश की सांस्कृतिक धरोहर एक बार फिर विश्व मंच पर चमक उठी है। खजुराहो नृत्य महोत्सव के 52वें संस्करण का भव्य उद्घाटन मुख्यमंत्री Mohan Yadav ने वर्चुअल माध्यम से किया। सात दिवसीय इस अंतरराष्ट्रीय उत्सव की शुरुआत मनमोहक कथक प्रस्तुति से हुई, जिसने उपस्थित दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।

यह प्रतिष्ठित आयोजन Khajuraho Group of Monuments के अंतर्गत स्थित भव्य Kandariya Mahadeva Temple के समीप खुले मंच पर हो रहा है। मंदिरों की ऐतिहासिक और आध्यात्मिक पृष्ठभूमि में शास्त्रीय नृत्य की प्रस्तुति कलाकारों और दर्शकों दोनों के लिए अविस्मरणीय अनुभव बन जाती है।


कथक से हुई अलौकिक शुरुआत

उद्घाटन समारोह में प्रस्तुत कथक नृत्य ने भारतीय संस्कृति की गहराई और सौंदर्य को जीवंत कर दिया। भारत के विभिन्न राज्यों के साथ-साथ विदेशों से आए पर्यटकों ने प्रस्तुति की जमकर सराहना की।

इस वर्ष का महोत्सव ‘नटराज’ थीम पर आधारित है, जिसमें भगवान शिव के नृत्य रूप को केंद्र में रखा गया है।

इस वर्ष की मुख्य विशेषताएं:

  • नटराज की 108 नृत्य मुद्राओं की विशेष कला प्रदर्शनी
  • मध्य प्रदेश के हथकरघा और हस्तशिल्प की प्रदर्शनी
  • देश-विदेश के ख्यातिप्राप्त शास्त्रीय नृत्य कलाकारों की भागीदारी
  • ‘बाल नृत्य’ और ‘खजुराहो कार्निवल’ जैसे नए आकर्षण
  • सांस्कृतिक पर्यटन को बढ़ावा देने की पहल

अंतरराष्ट्रीय पहचान बना महोत्सव

पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री Dharmendra Singh Lodhi ने बताया कि यह महोत्सव अब वैश्विक पहचान बना चुका है। हर वर्ष इसमें विदेशी कलाकारों और पर्यटकों की संख्या बढ़ रही है।

क्षेत्रीय सांसद Vishnu Datt Sharma ने कहा कि यह आयोजन क्षेत्र की अंतरराष्ट्रीय पहचान को मजबूत कर रहा है। उनके अनुसार, यहां प्रस्तुति देना हर कलाकार के लिए गर्व का क्षण होता है।


संस्कृति और अर्थव्यवस्था को मिल रहा बढ़ावा

राज्य सरकार इस तरह के आयोजनों के माध्यम से कलाकारों और शिल्पकारों को मंच प्रदान कर रही है।

  • स्थानीय कारीगरों की आय में वृद्धि
  • पर्यटन उद्योग को मजबूती
  • सांस्कृतिक विरासत का संरक्षण
  • युवाओं में कला के प्रति जागरूकता

महोत्सव में बड़ी संख्या में विदेशी पर्यटक शामिल हुए। उन्होंने भारतीय शास्त्रीय नृत्य, संगीत और कला की भव्यता की खुलकर सराहना की।


क्यों खास है खजुराहो नृत्य महोत्सव?

  • यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल की पृष्ठभूमि
  • शास्त्रीय नृत्य की विविध शैलियों का संगम
  • आध्यात्मिक और सांस्कृतिक अनुभव का अद्भुत मेल
  • अंतरराष्ट्रीय कलाकारों की भागीदारी

खजुराहो नृत्य महोत्सव केवल एक सांस्कृतिक आयोजन नहीं, बल्कि भारत की परंपरा, कला और आध्यात्मिक विरासत का जीवंत उत्सव है। 52वां संस्करण यह साबित करता है कि भारतीय संस्कृति की जड़ें कितनी गहरी और प्रभावशाली हैं।

आने वाले दिनों में यह महोत्सव और भी भव्य प्रस्तुतियों के साथ दर्शकों को मंत्रमुग्ध करता रहेगा, और मध्य प्रदेश को वैश्विक सांस्कृतिक मानचित्र पर और अधिक मजबूत स्थान दिलाएगा।

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