खरसिया कस्टोडियल डेथ मामला: रमेश चौहान की मौत पर चौहान समाज का गुस्सा, न्यायिक जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग

खरसिया कस्टोडियल डेथ


खरसिया कस्टोडियल डेथ: पुलिस हिरासत में हुई रमेश चौहान की मौत, चौहान समाज का जबरदस्त विरोध

रायगढ़, खरसिया थाना क्षेत्र के ग्राम पारसकोल में एक युवक की पुलिस हिरासत में हुई मौत ने बड़ा विवाद उत्पन्न कर दिया है। मृतक रमेश चौहान की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के बाद पूरे क्षेत्र में भारी आक्रोश देखा जा रहा है। पुलिस पर थर्ड डिग्री टॉर्चर करने का गंभीर आरोप लगाते हुए चौहान समाज के हजारों लोग सड़कों पर उतर आए हैं और न्यायिक जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

घटना का विवरण:

1 मार्च 2026 को रमेश चौहान को पुलिस ने हत्या के मामले में संदिग्ध के रूप में हिरासत में लिया था। परिजनों और ग्रामीणों का आरोप है कि इस दौरान पुलिस ने रमेश चौहान को गंभीर मारपीट का शिकार बनाया, जिससे उनकी हालत बेहद खराब हो गई। उनका शरीर कई जगहों पर चोटों से जख्मी हो गया था, जिनमें पेट, सीना, सिर और पैरों के तलवे शामिल थे।

पुलिस द्वारा दी गई जानकारी:

मृतक की पत्नी किरन चौहान का कहना है कि पुलिस ने ग्राम पंचायत के सरपंच को फोन कर यह बताया कि रमेश चौहान की तबीयत अचानक बिगड़ गई और उन्हें खरसिया अस्पताल में भर्ती कराया गया। लेकिन जब परिजन अस्पताल पहुंचे तो उन्हें पता चला कि पुलिस ने उनसे जबरन सुपुर्दनामा पर हस्ताक्षर करवा लिए थे और घायल रमेश को छोड़कर अस्पताल से चले गए थे।

अस्पताल से रायगढ़ और रायपुर रेफर:

रमेश चौहान की हालत गंभीर होने के कारण डॉक्टरों ने उन्हें रायगढ़ अस्पताल रेफर किया। वहां से फिर उन्हें रायपुर के डीकेएस अस्पताल भेजा गया। लेकिन इलाज के दौरान 5 मार्च 2026 को उनकी मौत हो गई।

पुलिस पर गंभीर आरोप:

रमेश चौहान के परिजनों और समाज का आरोप है कि पुलिस ने थर्ड डिग्री टॉर्चर कर हत्या की है। मृतक के परिजनों ने खरसिया थाना प्रभारी टीआई राजेश जांगड़े और अन्य पुलिसकर्मियों पर गंभीर मारपीट का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि पुलिस की यातना के कारण ही रमेश की मौत हुई।

पुलिस का बयान:

पुलिस प्रशासन ने इन आरोपों को नकारते हुए कहा है कि मामले की निष्पक्ष जांच की जाएगी। एसडीओपी ने यह भी कहा कि आरोप तथ्यों से परे हैं और जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी।

न्यायिक जांच की मांग:

मृतक की पत्नी ने रायपुर स्थित जिला न्यायालय में एक प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया है, जिसमें उन्होंने धारा 176(1A) के तहत न्यायिक जांच कराने की मांग की है। इसके अलावा, उन्होंने यह भी आग्रह किया है कि मृतक का पोस्टमार्टम मेडिकल बोर्ड से कराया जाए और वीडियोग्राफी की जाए।

क्षेत्र में तनावपूर्ण माहौल:

इस मामले को लेकर खरसिया क्षेत्र में तनाव का माहौल है। चौहान समाज के लोग धरना प्रदर्शन कर रहे हैं और मांग कर रहे हैं कि दोषी पुलिसकर्मियों को तुरंत निलंबित किया जाए और मृतक के परिवार को उचित मुआवजा दिया जाए।

प्रशासन की ओर से सुरक्षा उपाय:

किसी भी अप्रिय घटना से निपटने के लिए प्रशासन ने अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया है और पूरे क्षेत्र में स्थिति पर नजर रखी जा रही है। पुलिस ने चेतावनी दी है कि यदि जल्दी कोई न्यायसंगत कार्रवाई नहीं की गई तो आंदोलन और उग्र हो सकता है।

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