रायपुर अपहरण कांड
छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में पुलिस ने एक बड़ी आपराधिक वारदात को समय रहते विफल कर दिया। अपहरण कर बंधक बनाकर वसूली की साजिश रचने वाले 6 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। आरोपियों के कब्जे से पिस्टल समेत अन्य आपत्तिजनक सामान भी बरामद किया गया है। इस त्वरित कार्रवाई से शहर में एक बड़ी घटना टल गई।
कैसे हुआ पूरे मामले का खुलासा?
मिली जानकारी के अनुसार थाना आजाद चौक क्षेत्र में घोराही तालाब रामकुंड इलाके में दो युवकों को बंधक बनाकर मारपीट किए जाने की सूचना पुलिस को मुखबिर से मिली थी। सूचना मिलते ही वरिष्ठ अधिकारियों ने तत्काल एक्शन लेने के निर्देश दिए।
पुलिस टीम ने:
- पूरे क्षेत्र की घेराबंदी की
- संदिग्ध ठिकानों की सघन तलाशी ली
- एक झोपड़ी में रेड कार्रवाई की
रेड के दौरान दो अपहृत युवकों — जीवन यदु और राकेश शर्मा (दोनों धमतरी निवासी) — को सकुशल मुक्त कराया गया।
2 लाख रुपये के विवाद में रची गई थी साजिश
प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया कि लगभग 2 लाख रुपये के लेन-देन को लेकर विवाद चल रहा था। इसी विवाद के चलते आरोपियों ने सुनियोजित तरीके से:
- करबला तालाब के पास से दोनों का अपहरण किया
- हथियार के दम पर मारपीट की
- जमीन के दस्तावेजों पर जबरन हस्ताक्षर कराए
- नगद रकम, बैंक दस्तावेज, मोबाइल फोन और मोटरसाइकिल लूट ली
यह पूरी घटना पूर्व नियोजित थी और आरोपियों ने वसूली के उद्देश्य से दबाव बनाने की कोशिश की थी।
पुलिस की त्वरित रणनीति से टली बड़ी वारदात
पुलिस अधिकारियों के नेतृत्व में की गई त्वरित और रणनीतिक कार्रवाई के चलते:
- दोनों बंधकों को सुरक्षित बचाया गया
- मुख्य आरोपियों को मौके से गिरफ्तार किया गया
- पिस्टल सहित अन्य सबूत जब्त किए गए
आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) और आर्म्स एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। शेष फरार आरोपियों की तलाश में लगातार दबिश दी जा रही है।
गिरफ्तार किए गए 6 आरोपी
पुलिस ने निम्न आरोपियों को गिरफ्तार किया है:
- कामरान अब्बास (29 वर्ष)
- नवीन उर्फ नन्नू ढीमर (19 वर्ष)
- लक्की निषाद उर्फ छोटा चिकन (19 वर्ष)
- राकेश धीवर (24 वर्ष)
- अनिल धीवर (30 वर्ष)
- हरिओम सोनकर (47 वर्ष)
सभी आरोपी रायपुर के आजाद चौक क्षेत्र के अलग-अलग इलाकों के निवासी हैं।
शहर में बढ़ी सतर्कता
इस कार्रवाई के बाद रायपुर पुलिस ने साफ संकेत दिया है कि शहर में अपराधियों के लिए कोई जगह नहीं है। पुलिस लगातार निगरानी बढ़ा रही है और संदिग्ध गतिविधियों पर कड़ी नजर रखी जा रही है।
👉 रायपुर अपहरण कांड ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि त्वरित सूचना और सक्रिय पुलिसिंग से बड़ी आपराधिक घटनाओं को रोका जा सकता है।
शहरवासियों से अपील की गई है कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।
यह घटना राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर एक बड़ा संदेश देती है— कानून के शिकंजे से अपराधी बच नहीं सकते।