2 के बदले 11, मैतेई युवकों की रिहाई के लिए मणिपुर सरकार को छोड़ने पड़े कुकी समुदाय के कैदी

मणिपुर में मैतेई समुदाय के दो बंधकों को छुड़ाने के लिए सरकार को कुकी समुदाय के 11 विचाराधीन कैदियों को रिहाई करनी पड़ी है. दोनों युवकों को सात दिन पहले उस समय बंधक बना लिया गया था, जब वे परीक्षा देकर लौट रहे थे और रास्ता भटक गए थे. फिलहाल, दोनों मैतेई युवकों को पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया है. मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह ने भी इस संबंध में जानकारी दी है.

27 सितंबर को मैतेई समुदाय के तीन युवक अचानक लापता हो गए थे. बाद में एक युवक पुलिस को मिल गया था. जबकि दो युवकों की तलाश की जा रही थी. बाद में पता चला कि दोनों युवकों को कुकी समुदाय के उग्रवादियों ने बंधक बना लिया है और अपने ठिकाने पर ले गए हैं. मामला सामने आया तो सरकार अलर्ट हुई और कुकी समुदाय के उग्रवादियों से बातचीत की गई.

गुरुवार सुबह 6 बजे मैतेई समुदाय के दोनों युवक थोकचोम थोइथोइबा और ओइनम थोइथोई को रिहा कर दिया गया और पुलिस को सौंप दिया गया. कांगपोकपी जिले के एसपी दफ्तर में असम राइफल्स और सीआरपीएफ की मौजूदगी भी रही.

मणिपुर पुलिस के मुताबिक, ये दोनों युवक पहाड़ी जिले में कुकी समाज के सबसे बड़े संगठन कमेटी ऑफ ट्राइबल यूनिटी की कस्टडी में थे. इसी संगठन ने उन्हें बंधक बनाकर रखा था. दोनों मैतेई युवकों की रिहाई के बाद कुकी संगठन ITL ने तस्वीरें शेयर की हैं और कहा, आज सुबह ही घाटी की जेल से 11 कुकी समाज के आरोपियों को पहाड़ी जिले चुराचांदपुर पुलिस को ट्रांसफर किया गया है.  

एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि दोनों मैतेई युवकों को इम्फाल ले जाया जा रहा है. 27 सितंबर को दोनों युवक अपने एक अन्य दोस्त जॉनसन के साथ न्यू कीथेलमनबी में एसएससी जीडी भर्ती परीक्षा देने गए थे. वे कांगपोकपी जिले में रास्ता भटक गए. जबकि जॉनसन को सेना ने बचा लिया और पुलिस को सौंप दिया. वहीं, दोनों युवक हथियारबंद लोगों की कैद में रहे. राज्य सरकार ने केंद्र की सहायता से दोनों युवाओं की रिहाई सुनिश्चित करने के लिए बातचीत की.

मणिपुर के मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह ने सोशल मीडिया पर पोस्ट में लिखा, 27 सितंबर को कांगपोकपी में अगवा किए गए दो युवकों को सुरक्षित रिहा कर दिया गया है. मैं राज्य और केंद्र सरकार के उन सभी अधिकारियों के प्रयासों की सराहना करता हूं जिन्होंने उनकी सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करने के लिए अथक प्रयास किया. आपके प्रयासों को गहराई से महत्व दिया गया है.

पुलिस ने बताया कि उन 11 कैदियों को पिछली रात दो बजे सपरमीना पुलिस स्टेशन को सौंप दिया गया था. पुलिस के अनुसार, 11 कैदियों को एक महीने पहले जमानत पर रिहा किया जाना था, लेकिन अब उनकी रिहाई हुई है. पुलिस ने दावा किया कि जमानत मिलने के बावजूद वे जेल में थे. इससे पहले 2 अक्टूबर को मणिपुर के सांसद अंगोमचा बिमोल अकोईजम ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से दोनों युवकों की सुरक्षित रिहाई की मांग की थी. 

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