धान छोड़ गेंदा अपनाया, एक एकड़ से 2.5 लाख का मुनाफा: छत्तीसगढ़ के किसान की बदली किस्मत

गेंदा की खेती से मुनाफा


📰 पूरा लेख (400+ शब्द | Google Discover Friendly)

रायपुर। छत्तीसगढ़ में खेती की तस्वीर धीरे-धीरे बदल रही है। राज्य शासन की किसान हितैषी योजनाएं और उद्यानिकी विभाग का तकनीकी सहयोग अब किसानों को परंपरागत फसलों से आगे बढ़कर अधिक लाभकारी खेती की ओर प्रेरित कर रहा है। इसका जीवंत उदाहरण हैं सारंगढ़ जिले के ग्राम बरगांव के प्रगतिशील किसान श्री देवानंद निषाद, जिन्होंने रबी मौसम में धान की जगह मेरीगोल्ड (गेंदा) की खेती अपनाकर अपनी आर्थिक स्थिति को मजबूत किया है।


🌼 धान से गेंदा तक का सफर

देवानंद निषाद पहले रबी मौसम में धान की खेती किया करते थे।
उनके अनुसार—

  • प्रति एकड़ धान उत्पादन: लगभग 20 क्विंटल
  • लागत ज्यादा, मुनाफा बेहद कम
  • मेहनत के बावजूद आय संतोषजनक नहीं

इसी दौरान उन्हें उद्यानिकी विभाग से संपर्क और मार्गदर्शन मिला। विभागीय अधिकारियों की सलाह पर उन्होंने रबी मौसम में गेंदा की खेती करने का निर्णय लिया, जो आगे चलकर उनके लिए आय का बड़ा स्रोत साबित हुआ।


🌸 राष्ट्रीय बागवानी मिशन से मिला सहारा

वर्ष 2025-26 में देवानंद निषाद ने राष्ट्रीय बागवानी मिशन के अंतर्गत पुष्प क्षेत्र विस्तार योजना में गेंदा की खेती शुरू की।
इस योजना के तहत—

  • गेंदा के उन्नत पौधे उपलब्ध कराए गए
  • समय-समय पर तकनीकी मार्गदर्शन मिला
  • रोग, सिंचाई और कटाई से जुड़ी सही जानकारी दी गई

वे पिछले दो वर्षों से लगातार रबी मौसम में गेंदा की खेती कर रहे हैं और हर साल बेहतर परिणाम मिल रहे हैं।


💰 लागत कम, मुनाफा शानदार

वर्तमान में देवानंद निषाद—

  • एक एकड़ क्षेत्र में गेंदा की खेती कर रहे हैं
  • कुल लागत: लगभग 50,000 रुपये प्रति एकड़

उत्पादन और आमदनी का आंकड़ा चौंकाने वाला है—

  • कुल उत्पादन: 3750 किलोग्राम गेंदा फूल
  • औसत विक्रय मूल्य: 80 रुपये प्रति किलोग्राम
  • कुल आमदनी: लगभग 3 लाख रुपये
  • शुद्ध लाभ: करीब 2.5 लाख रुपये प्रति एकड़

यह लाभ पारंपरिक धान की खेती की तुलना में कई गुना अधिक है।


🚛 रोज़ाना बाजार तक पहुंच

देवानंद निषाद प्रतिदिन—

  • 60 से 70 किलोग्राम ताजे गेंदा फूल
  • रायगढ़ फूल बाजार में विक्रय के लिए ले जाते हैं

स्थायी मांग और बेहतर कीमत मिलने से उन्हें बिक्री में किसी तरह की परेशानी नहीं होती।


🌱 गांव के अन्य किसानों के लिए प्रेरणा

गेंदा की खेती से आर्थिक स्थिति मजबूत होने के बाद—

  • ग्राम बरगांव के अन्य किसान भी प्रेरित हुए
  • अब कई किसान रबी मौसम में
    • धान के स्थान पर
    • गेंदा व अन्य पुष्प फसलों की खेती अपना रहे हैं

इससे गांव में आय के नए अवसर पैदा हो रहे हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *