मार्च 2026 से पहले देश से वामपंथी उग्रवाद पूरी तरह खत्म हो जाएगा- अमित शाह

रायपुर. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने आज रायपुर, छत्तीसगढ़ में वामपंथी उग्रवाद पर एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित किया। प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में वामपंथी उग्रवाद के खिलाफ लड़ाई अपने अंतिम चरण में है। उन्होंने कहा कि अब एक मजबूत रणनीति और निर्मम दृष्टिकोण के साथ वामपंथी उग्रवाद के खिलाफ अंतिम प्रहार करने का समय आ गया है। उन्होंने कहा कि मार्च 2026 से पहले देश से वामपंथी उग्रवाद पूरी तरह खत्म हो जाएगा

अमित शाह ने कहा कि मोदी सरकार ने लोगों में वामपंथी उग्रवाद की विचारधारा के बजाय विकास के प्रति विश्वास जगाने का काम किया है। केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि वामपंथी उग्रवाद देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था के सामने सबसे बड़ी चुनौती है और मोदी सरकार ने वामपंथी उग्रवाद को एक चुनौती के रूप में लिया है और इस समस्या को देश से खत्म करने का काम कर रही है। केंद्रीय गृह मंत्री ने वामपंथी उग्रवाद में शामिल युवाओं से हिंसा छोड़ने और प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में चल रहे देश के विकास के महायज्ञ में शामिल होने का आह्वान किया।

श्री शाह ने कहा कि मोदी सरकार वामपंथी उग्रवाद की विचारधारा को छोड़कर विकास के विश्वास के साथ आगे बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार वामपंथी उग्रवाद के कारण पैदा हुई विकास की कमी को पाटने के लिए हरसंभव प्रयास कर रही है। श्री शाह ने बताया कि मोदी सरकार की दृढ़ता के कारण 2019 से 2024 के दौरान राज्य वामपंथी उग्रवाद से लगभग पूरी तरह मुक्त हो गए हैं।

केंद्रीय गृह और सहकारिता मंत्री ने कहा कि 2022 में, 4 दशकों में पहली बार, वामपंथी हिंसा के कारण होने वाली मौतों की संख्या 100 से नीचे आ गई है। उन्होंने बताया कि वामपंथी उग्रवाद से संबंधित हिंसक घटनाओं की सबसे कम संख्या दर्ज की गई है। 2022 और 2024 के बीच। श्री शाह ने कहा कि जहां 2010 में सबसे अधिक मौतें दर्ज की गई थीं, वहीं 2023 में यह संख्या घटकर 138 हो गई है। उन्होंने कहा कि सुरक्षा शून्य को भरने से वामपंथी उग्रवाद के वित्तपोषण पारिस्थितिकी तंत्र को गंभीर झटका लगा है। उन्होंने कहा कि यह देश के सुरक्षा बलों और लोकतंत्र की जीत है।

श्री शाह ने कहा कि 2017 में सीआरपीएफ में ‘बस्तरिया बटालियन’ का गठन किया गया था जिसमें सभी जवान बस्तर क्षेत्र से थे। उन्होंने बताया कि कैबिनेट से मंजूरी लेकर 2022 में विशेष अभियान के तहत दंतेवाड़ा, सुकमा और बीजापुर के 400 आदिवासी जवानों को इस बटालियन में भर्ती किया गया है.

केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि सुरक्षा बल इस समस्या से लड़ने के साथ-साथ वाम उग्रवाद प्रभावित क्षेत्रों में विकास कार्यों पर भी नजर रख रहे हैं. उन्होंने कहा कि मोदी सरकार के 10 साल में छत्तीसगढ़ में कनेक्टिविटी, सड़क निर्माण और वित्तीय समायोजन की दिशा में काफी काम हुआ है. श्री शाह ने कहा कि छग सरकार जल्द ही एक नई आत्मसमर्पण नीति लाएगी जिससे युवा हथियार छोड़कर प्रभावी तरीके से विकास की मुख्यधारा में शामिल हो सकेंगे। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार ने 100 प्रतिशत हासिल करने के लिए मार्च 2025 तक का लक्ष्य रखा है। सभी सरकारी योजनाओं की शत-प्रतिशत पूर्ति। श्री शाह ने कहा कि गृह मंत्रालय एवं छ.ग वामपंथी उग्रवाद के कारण अशिक्षित रह गए लोगों को शिक्षित करने के लिए सरकार संयुक्त रूप से अभियान चलाएगी।

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