“आयुष्मान योजना के तहत दुर्ग में 5 अस्पतालों का लायसेंस निरस्त, निरीक्षण में पाई गईं गंभीर कमियां”

“Ayushman Scheme Hospitals License Revoked”


दुर्ग जिले में आयुष्मान योजना के तहत 5 अस्पतालों का लायसेंस निरस्त, निरीक्षण में पाई गईं गंभीर कमियां

दुर्ग, छत्तीसगढ़: दुर्ग जिले में आयुष्मान योजना के तहत पंजीकृत और एम्पैनल्ड अस्पतालों के लिए एक बड़ी कार्रवाई की गई है। कलेक्टर और जिला दण्डाधिकारी अभिजीत ने आदेश जारी कर पांच निजी अस्पतालों का लायसेंस निरस्त कर दिया है। यह कार्रवाई अस्पतालों के भौतिक निरीक्षण के बाद की गई, जिसमें अस्पतालों में आवश्यक सुविधाओं और मानकों की कमी पाई गई।


नोटिस और निरीक्षण की प्रक्रिया:

कलेक्टर के निर्देश पर, आयुष्मान योजना के अंतर्गत सभी निजी अस्पतालों का निरीक्षण किया गया था। इस निरीक्षण के लिए चार टीमों का गठन किया गया था, जिसमें स्थानीय नगरीय निकाय, जिला आयुष कार्यालय, स्वास्थ्य विभाग के प्रतिनिधि और अन्य सदस्य शामिल थे। इन टीमों ने एक माह के भीतर सभी निजी अस्पतालों का भौतिक निरीक्षण किया और चेकलिस्ट के आधार पर रिपोर्ट तैयार की।

कुल 124 निजी अस्पतालों का निरीक्षण किया गया, जिनमें से 48 अस्पतालों में कमी पाई गई। इन अस्पतालों को कलेक्टर द्वारा 30 दिनों के भीतर स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने का नोटिस जारी किया गया। इसके बाद, 48 अस्पतालों का पुनः निरीक्षण किया गया।


लायसेंस निरस्त होने वाले अस्पताल:

  • दाउजी मेमोरियल हॉस्पिटल, जामगांव आर पाटन
  • प्राची हॉस्पिटल, पुलगांव
  • जीवन ज्योति हॉस्पिटल, वार्ड नं 05, जामुल भिलाई
  • आई. एम. आई. हॉस्पिटल, न्यू खुर्सीपार भिलाई
  • आर्शीवाद नर्सिंग होम, जी.ई. रोड, भिलाई

इन पांच अस्पतालों में चिकित्सा मानकों का उल्लंघन पाया गया और इनकी सुविधाओं में सुधार की संभावना नहीं दिखी, जिसके बाद इन अस्पतालों का लायसेंस तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया गया है।


अस्पतालों के लायसेंस निरस्त होने की वजह:

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मनोज दानी के अनुसार, इन अस्पतालों में छत्तीसगढ़ राज्य उपचर्यागृह तथा रोगोपचार संबंधी अनुज्ञापन अधिनियम 2010 और नियम 2013 के तहत निर्धारित मानकों का स्पष्ट उल्लंघन हुआ। नर्सिंग होम एक्ट के तहत इन अस्पतालों को प्रदत्त लायसेंस को निरस्त करना पड़ा।


आगे की कार्रवाई:

इस कार्रवाई के बाद, इन अस्पतालों के संचालकों से स्पष्टीकरण और सुधार के लिए पर्याप्त समय नहीं मिलने के कारण लायसेंस निरस्त किए गए। जिले के अन्य अस्पतालों को भी चेतावनी दी गई है कि वे आयुष्मान योजना के तहत निर्धारित मानकों का पालन करें, ताकि उन्हें कोई परेशानी न हो।

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